सहारनपुर। मौसम में आ रहे बदलाव से घर-घर बीमारी पांव पसारने लगी है। दिन में तेेज धूप से गर्मी तो रात की सर्द हवाओं की सर्दी से बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की अस्पतालों में संख्या बढ़ी है। ऐसे में जरा सी लापरवाही लोगों के जान पर आफत बन सकती है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों का है।
फरवरी में मौसम का मिजाज बदल रहा है। दिन में हो रही कड़ी धूप से बदन पर गर्म कपड़े रखना मुश्किल हो रहा है। शाम को स्थिति यह रहती है कि गर्म कपड़े न पहनने पर बदन कांपने लगता है। रात में सर्द हवा चल रही है। बुधवार रात भी करीब 21 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से सर्द हवा चली। ऐसी में बचाव जरुरी है। बदल रहे मौसम के कारण लोगों में खांसी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द, गले में खराश आदि सामान्य बीमारियों का तेजी से प्रकोप होना शुरू हो गया है। इसका अंदाजा सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में लगने वाली मरीजों की भीड़ से लगाया जा सकता है।
सुबह से ही सामान्य बीमारियों की दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी कतार जिला अस्पताल में लग जाती है। बृहस्पतिवार को अस्पताल की ओपीडी 983 रही। इन मरीजों में सबसे ज्यादा फिजिशियन के यहां 200 से 250 मरीज बदलते मौसम के रहे। माना जा रहा है कि सुबह-शाम ठंड और दिन में तेज धूप के साथ चल रही तेज हवाओं से इन बीमारियों में इजाफा हो रहा है।
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ऐसे करें बचाव
-सुबह-शाम घर से निकलने पर गर्म कपड़े जरूर पहने।
-दिन में चलने वाली हवाओं से बचने के लिए गमछा या हेलमेट प्रयोग करें।
-बुजुर्ग और बच्चे सुबह-शाम मौसम के अनुरूप ही कपड़े पहनें।
- रात में घर से बाहर कम ही निकलें
-सड़क किनारे स्थित दुकानों का खुला खाद्य पदार्थ न खाएं।
-बीमार होने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल से दवा लें।
दिन में धूप और रात में सर्दी से मौसम में बदलाव आया है। जिस वजह से बुखार, खांसी, जुकाम, सिरदर्द और गले में खराश आदि बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे मौसम में बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
-डॉ. अनिल कुमार वोहरा, फिजिशियन, एसबीडी जिला चिकित्सालय