सेना में भर्ती के लिए मैदान पर दौड़ते मेरठ और सहारनपुर जनपद के युवा।
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सेना भर्ती रैली में मेरठ के जीडी और सहारनपुर के ट्रेड मैन के लिए बुधवार को 6655 अभ्यर्थी मैदान में दौड़ के लिए पहुंचे। मगर, इनमें 1061 अभ्यर्थी प्री हाईट टेस्ट में ही बाहर हो गए। रैली में अब तक इस टेस्ट में फेल होने का यह सबसे अधिक आंकड़ा है।
दौड़ लगाने वाले शेष 5594 अभ्यर्थियों में भी महज 290 का अगले परीक्षणों के लिए चयन हो पाया। दौड़ में सफल होने में यह रैली का सबसे कम आंकड़ा रहा।
सेना भर्ती रैली में बुधवार को दो जिलों के अभ्यर्थियों को बुलाने के बावजूद कम अभ्यर्थी ही मैदान में पहुंचे। लगभग 11500 अभ्यर्थियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया था। हालांकि छह हजार से कम ही अभ्यर्थी दौड़ के लिए आए। भर्ती रैली संयोजक कर्नल पंकज साहनी ने बताया कि बृहस्पतिवार को सहारनपुर जिले के लिए बाकी पदों के लिए दौड़ कराई जाएगी।
दर्द निवारक दवाइयां मिलीं ः सेना की टीमें यह देखकर दंग है कि यहां दौड़ लगाने के लिए पहुंच रहे हजारों युवा रैली में रनिंग से पहले दर्द निवारक, नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं और इंजेक्शन आदि का खुलकर प्रयोग कर रहे हैं। दवाओं और इंजेक्शनों का कलेक्शन करने वाली टीमों ने बताया कि अब तक सात से अधिक बाल्टियां उठाई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह काफी चिंताजनक है।
डायबिटीज के मरीज भी लगा रहे दौड़
जब्त की गई दवाओं और इंजेक्शन में कुछ डायबिटीज के मरीजों से भी जुड़ी हैं। माना जा रहा है कि डायबिटीज के रोगी भी सेना भर्ती में दौड़ के लिए पहुंच रहे हैं। हैरानी की बात यह भी है कि सेना भर्ती में 17 से लेकर 23 साल तक के युवा पहुंच रहे हैं। यानी इस उम्र में भी मधुमेह का रोग युवाओं को सता रहा है।