सहारनपुर। जिला कारागार में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई बंदी की मौत के मामले में गाजियाबाद प्रयोगशाला से बिसरा रिपोर्ट आ गई है, जिसमें मौत की वजह एल्कोहल बताई गई है। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं कि बंदी ने एल्कोहल का सेवन जेल में कैसे कर लिया। जेल अधीक्षक ने मामले की जांच बैठा दी है।
कोतवाली नकुड़ क्षेत्र के गांव अंबेहटा पीर निवासी जाकिर (48) पुत्र सईद को जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद आठ माह पूर्व जेल भेजा था। जिला कारागार में 27 दिसंबर 2021 को जाकिर को अचानक से हृदय में दर्द हुआ, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत खराब होने पर जाकिर को राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में दाखिल कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना जनकपुरी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जाकिर की मौत का कारण हार्टअटैक बताया गया था। चिकित्सकों के पैनल ने जाकिर का बिसरा सुरक्षित रख लिया था और गाजियाबाद प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। अब करीब सात माह बाद जाकिर की बिसरा रिपोर्ट आई है, जिसमें उसकी मौत वजह एल्कोहल बताई गई है।
रिपोर्ट में मिथाइल, इथाइल और एल्कोहल के विष पाए गए हैं। पता लगने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने पूरे मामले की जांच बैठा दी है। जेल अधीक्षक का कहना है कि जेल से जाकिर को सीने में दर्द होने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया था और मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हुई थी। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि कितनी मात्रा में उसके शरीर में एल्कोहल मिला है। उन्हें आशंका है कि उपचार के दौरान किसी दवा के माध्यम से जाकिर के शरीर के अंदर एल्कोहल जा सकता है। क्योंकि, कफ सीरप हो या फिर होम्यापैथिक दवाएं, इनमें भी एल्कोहल होता है। इसलिए जांच चल रही है। इसमें अगर कारागार कर्मियों की कोई लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।