देवबंद। मुकदमा खत्म कराने को लेकर वादकारी और वकीलों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इसमें तीन वकील घायल हो गए। इस दौरान कचहरी परिसर में अफरा तफरी मच गई। हमलावरों ने एक अधिवक्ता के अपहरण का प्रयास भी किया। लेकिन इसमें वह सफल नहीं हो सके। घटना से गुस्साए अधिवक्ताओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया। अधिकारियों ने बामुश्किल समझाकर जाम खुलवाया।
शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में उस समय अफरा तफरी मच गई। जब वादकारी और अधिवक्ता इरशाद अली के बीच मुकदमा खत्म कराने को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। आरोप है धर्मपुर सरावगी निवासी वादकारी ने फोन कर साथियों को बुला लिया। जिन्होंने लाठी डंडों से हमला कर दिया। बीच बचाव को लेकर जो भी वकील आया उसके साथ मारपीट की गई। इसमें अधिवक्ता रिहान, फरमान और रविन्द्र घायल हो गए। इरशाद अली का आरोप है कि आरोपियों ने अधिवक्ता फरमान के अपहरण का प्रयास भी किया। सूचना पर एसडीएम अंकुर वर्मा, सीओ अशोक सिसोदिया और इंस्पेक्टर संजीव कुमार मौके पर पहुंच गए। आरोपी मौके से भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। घटना से गुस्साए वकीलों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। उचित कार्रवाई के आश्वासन पर ही वे माने।
सीओ ने बताया कि घायल अधिवक्ताओं को मेडिकल के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। मौके पर आरोपियों की कार और बाइक को कब्जे में लिया गया। इरशाद अली की ओर से तीन नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। रिपोर्ट दर्ज कर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। तहरीर में इरशाद अली ने बताया कि वादकारी मुकदमा खत्म कराने के लिए उन्हें कोर्ट में ले जाना चाहता था। उनके द्वारा दूसरे पक्ष को भी बुला लेने को कहने पर उसने गाली गलौज और मारपीट शुरू कर दी। अधिवक्ता रविंद्र पुंडीर, ठा. रामप्रताप, मुरसलीन, अश्वनी गर्ग, भूदत्त शर्मा, अमित सिंघल, राव अनीस, फरमान, फरमान, रिहान, बालेश्वर प्रसाद, सुरेंद्रपाल सिंह ने घटना पर रोष जताते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।