शाकंभरी। शराब के नशे ने निशु को इंसान से हैवान बना दिया। पिता से बहस करते हुए वह बाप से मारपीट करने लगा। बीच बचाव कराने आई भाभी से भी मारपीट की। पिता की हत्या के बाद वह उसके शव के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने उसे वहां से हटाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नशे में कहता रहा कि वह अकेला ही अंतिम संस्कार कर देगा।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार पांच वर्ष पूर्व शिव मंदिर के पास निशु की फोटो स्टेट की दुकान थी। धीरे-धीरे उसे शराब पीने की लत लग गई और उसने दुकान बंद कर दी। वह पूरे दिन शराब के नशे में रहने लगा। उसने गांव के पास ही एक मुर्गी फार्म में नौकरी कर ली परंतु वहां पर भी वह महीने में पांच या सात दिनों तक नौकरी करता था बाकी दिन उस पैसे की शराब पीता रहता था। उसके कमरे में रखे संदूक में देशी शराब के पव्वों का ढेर जमा मिला। पड़ोसियों ने बताया कि वह रोजाना मोहल्ले वालों एवं अपने परिवार वालों के साथ झगड़ा करता रहता था। शराब के नशे में वह किसी की बात नहीं सुनता।
अपने पिता को हत्या करने के बाद वह वहीं बैठा रहा और मृतक पिता को उठाकर बेड पर ले जाकर भी लिटाया। इस दौरान वह यही कहता रहा कि मैं अकेला ही इनका अंतिम संस्कार कर दूंगा। उसके ऐसा करने से हर कोई स्तब्ध है। किसी को ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वह अपने पिता को मौत की नींद सुला देगा।