सहारनपुर। केंद्र सरकार ने 23 खूंखार नस्ल के कुत्तों की बिक्री और उनके प्रजनन पर प्रतिबंध लगाया है। सहारनपुर की बात करें तो यहां नगर निगम ने पहले ही तीन खूंखार नस्ल के कुत्तों के प्रजनन पर प्रतिबंध लगाया है। नियमानुसार, कुत्ते पालने से पहले पंजीकरण कराना होता है, लेकिन सहारनपुर नगर निगम में अभी तक एक भी पंजीकरण नहीं है। नगर निगम ने पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है और पंजीकरण नहीं कराने पर कार्रवाई की तैयारी है।
दरअसल, कई बार खुंखार कुत्ते मासूमों की जान तक ले चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में प्रति माह तीन हजार से अधिक इंजेक्शन कुत्ता काटे के लग रहे हैं। महानगर में पालतू कुत्तों के हमलों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम बोर्ड तीन खूंखार नस्लों के प्रजनन पर प्रतिबंध लगा चुका है। नवंबर 2023 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हो चुका है, जिसमें पिटबुल, डोगो अर्जेंटिनो और रोडेशियन रिबैक नस्ल के कुत्तों की नसबंदी अनिवार्य की गई थी। जिस पर कोई खास अमल नहीं हुआ। केवल तीन नस्ल के कुत्तों के प्रजनन पर प्रतिबंध की वजह यह रही कि विदेशी नस्लों में सबसे अधिक कुत्ते इन्हीं नस्ल के पाले जाते हैं।
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि तीन नस्लों का प्रजनन प्रतिबंधित किया हुआ है। अब केंद्र ने जो आदेश दिए हैं उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में उनका अनुपालन कराया जाएगा।
पंजीकरण कराने के लिए देना होगा शुल्क
नगर निगम पालतू कुत्तों के पंजीकरण की प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू कर रहा है। पंजीकरण कराना पालकों के लिए अनिवार्य किया गया है। ऐसा नहीं करने वाले पर जुर्माना लगाने की तैयारी है। विदेशी नस्ल के कुत्तों के पंजीकरण पर 500 रुपये शुल्क देना होगा। अन्य पालतू कुत्तों के लिए शुल्क नहीं रखा गया है, लेकिन पंजीकरण अनिवार्य रहेगा।
सात हजार कुत्तों की हुई नसबंदी
आवारा कुत्तों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया हुआ है। बीते करीब तीन साल में नगर निगम सात हजार कुत्तों की नसबंदी कर चुका है। ठेका फर्म के कर्मचारी कुत्तों को मोहल्ले से उठाकर सेंटर पर ले जाते हैं। वहां नसबंदी करने के बाद कुत्ते को एक या दो दिन के लिए रखा जाता है।
कुत्तों के हमले की घटनाएं
- अंबेहटा में इस्लामनगर रोड पर कुत्तों के झुंड ने बीती रात मूक बधिर बालक पर हमला कर उसे घायल कर दिया।
- चिलकाना के गांव बुड्ढा खेड़ा में चार अप्रैल को कुत्तों ने छह साल की बच्ची शिफा को अपना निवाला बना लिया था।
- तीतरों थाना क्षेत्र के गांव झाड़वन में लोकेंद्र की छह साल की बेटी कोयल को भी खूंखार कुत्तों ने अपना निवाला बनाया था।
- बरथाकायस्थ पठेड़ निवासी 13 वर्षीय बालक जावेद पुत्र जब्बार चिलकाना से अपने गांव जा रहा था, तब कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था।
इन नस्लों पर लगा प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने पिटबुल टेरियर, तोसा इनु, अमेरिकन स्टेफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलिरियो, डोगो अर्जेंटिनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोएसबोएल, कनगाल, सेंट्रल एशियन शेफर्ड, कोकेशियन शेफर्ड, साउथ रशियन शेफर्ड, टोनजैक, सरप्लानिनैक, जापानी तोसा एंड अकिता, मास्टिफ्स, टेरियर, रोडेशियन रिजबैक, वोल्फ डॉग्स, कनारियो, अकबाश, मॉस्को गार्ड, केन कार्सो नस्ल के कुत्तों की बिक्री व प्रजनन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।