- एक क्लिक पर मिल जाएगी मरीजों के स्वास्थ्य की कुंडली
- आभा आईडी पर हर व्यक्ति का स्वास्थ्य रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित
- जिला अस्पताल के अलावा एएनएम व आशा कार्यकर्ता कर रही कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बीमारी और उसके इलाज का ब्योरा तैयार करने के लिए आभा आईडी बनाई जा रही है। उनका रिकॉर्ड देश के किसी भी अस्पताल में दिख सकेगा। एक अप्रैल 2023 से लेकर छह मार्च 2024 तक 3,77,515 लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। इस आईडी पर हर व्यक्ति का स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल में आभा आईडी से ओपीडी के पर्ची बन रही है। इसके लिए मरीज के पास स्मार्ट फोन होना जरूरी है। अस्पतालों के अलावा एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर आभा आईडी बनाने का कार्य कर रही। आईडी बनने के बाद इलाज की फाइलें साथ लेकर नहीं चलनी पड़ेगी। पुरानी रिकॉर्ड देखकर डॉक्टर बेहतर इलाज मुहैया करा सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि एक क्लिक पर ही मरीज का रिकॉर्ड सामने होगा। 14 अंकों वाली इस स्वास्थ्य आईडी को मोबाइल एप के माध्यम से कहीं भी एक्टिव किया जा सकता है। आईडी में मेडिकल रिपोर्ट, दवाओं की पर्चियां, ब्लड ग्रुप की जानकारी, डॉक्टर की जानकारी व उपचार आदि जानकारी ऑनलाइन होगी।
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वर्जन
एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिले में अब तक 3.77 लाख से अधिक लोगों की आईडी बन चुकी है। इस आईडी पर व्यक्ति का स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है।
डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी