देवबंद। उत्तराखंड के पूर्व मंत्री मौलाना मसूद मदनी ने अफजल गुरु को फांसी दिया जाना राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस की दोगली पालिसी है। जब वर्ष 2005 में उच्चतम न्यायालय ने अफजल को फांसी की सजा सुना दी थी तो अब तक कांग्रेस सरकार खामोश क्यों रही। अफजल के परिजनों को बिना सूचना दिए दो दिनों के भीतर उसे फांसी पर लटका दिया जाना कांग्रेस की धोखेबाजी नहीं तो क्या है। मदनी ने कहा कि यदि सरकार ईमानदारी से काम कर रही है तो गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने जिन लोगों पर आतंकी कैंप चलाने का आरोप लगाए, शहीद हेमंत करकरे ने मक्का मस्जिद में हुए धमाकों के आरोप में जिन लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डालने का काम किया और गुजरात में हुए दंगों के आरोपियों को फांसी पर क्यों नहीं लटकाया जा रहा। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय का वे सम्मान करते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी का यह तरीका गलत है।