सहारनपुर। डायल 100 के कर्मियों ने मानवता की मिसाल भी पेश की है। लगभग 23 फरवरी 2018 को बड़गांव क्षेत्र में वन विभाग के एक अधिकारी को उसके ही एक कर्मचारी द्वारा चाकू मारकर घायल करने की सूचना पर डायल 100 की गाड़ी पहुंची थी। जिस पर एचसीपी भूपेंद्र सिंह, कांस्टेबल जगपाल सिंह एवं भीम सिंह तैनात थे। उसी समय भूपेंद्र सिंह के घर से उनकी बेटी की मौत की सूचना पहुंची, जहां उनका इंतजार हो रहा था। उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। फिर भी अपने को संभालते हुए वह घायल को अस्पताल ले जाने लगे। उनके साथियों ने उन्हें कहा कि वह तत्काल अपने घर रवाना हो जाएं। लेकिन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी बेटी तो चली ही गई, उसे तो बचा नहीं सका, इस घायल की जान तो बचाने की कोशिश कर सकता हूं। भूपेंद्र ने घायल को पहले अस्पताल में भर्ती कराया और फिर अपने घर गया। इस पर भूपेंद्र सिंह को सम्मानित भी किया गया था।