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Saharanpur News: मंडल में 8012 ट्रांसफार्मर फुंके, मरम्मत पर खर्च कर दिए 24 करोड़

Fri, 06 Oct 2023 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। मंडल में छह महीने के अंदर विद्युत निगम के 8012 ट्रांसफार्मर फुंके। इनकी मरम्मत पर करीब 24 करोड़ रुपये खर्च किए गए। बार-बार ट्रांसफार्मरों के फुंकने से उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ओवरलोड होने से ट्रांसफार्मर जल्दी-जल्दी फुंकते रहे। इससे जहां विद्युत निगम को आर्थिक नुकसान हुआ, वहीं उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
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विद्युत निगम के अनुसार सहारनपुर मंडल में करीब 14 लाख उपभोक्ता हैं, जो हर साल करोड़ों रुपये की बिजली खर्च करते हैं, लेकिन कई बार उपभोक्ता क्षमता से अधिक विद्युत ट्रांसफार्मर पर लोड डाल देता है, जिस कारण ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर फुंक जाता है।

यहीं कारण है कि अप्रैल से लेकर सितंबर तक सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में 8012 ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। यदि जिलेवार ट्रांसफार्मर फुंकने की बात करें तो सहारनपुर में सबसे ज्यादा 3926 विद्युत ट्रांसफार्मर फुंके हैं। इसके बाद मुजफ्फरनगर में 2533 और शामली में 1553 ट्रांसफार्मर फुंके।
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फुंके ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराने में विद्युत निगम के पसीने छूटे रहे। कार्यशाला से मिली जानकारी के अनुसार, एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत पर औसतन 30 हजार रुपये का खर्च आता है। इस प्रकार पूरे मंडल में 8012 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत पर करीब 24 करोड़ रुपये खर्च हुए। ज्यादातर मामलों में विद्युत ट्रांसफार्मर ओवरलोड के चलते फुंके। क्योंकि, मई, जून, जुलाई में बिजली की जरूरत पड़ने से लोड बढ़ जाता है।
मंडल में स्थापित हैं 1.53 लाख से अधिक ट्रांसफार्मर
विद्युत निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो मंडल में 1,53,261 बिजली ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। सबसे अधिक सहारनपुर में 69,564 ट्रांसफार्मर हैं, जबकि मुजफ्फरनगर में 51,576 और शामली में 32,121 ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। पिछले साल के मुकाबले मंडल में ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ी है।
किस जिले में कितने फुंके ट्रांसफार्मर
जिला 2022-23 2023-24
सहारनपुर 4273 3926
मुजफ्फरनगर 2599 2533
शामली 1606 1553
(नोट:-यह आंकड़े अप्रैल से सितंबर तक के हैं।)
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का काम चल रहा है। जहां पर कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर हैं, उनकी क्षमता वृद्धि की जा रही है। आने वाले दिनों में ओवरलोड की समस्या से निजात मिलेगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी बेहतर आपूर्ति दी जाएगी।
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- एके आत्रेय, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम
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