जिले की गन्ना विकास समितियों में 51.96 लाख रुपये अनपेड
देवेंद्र कुमार
सहारनपुर। जनपद के 801 गन्ना किसान ढूंढे से भी नहीं मिल रहे हैं। गन्ना चीनी मिल में आपूर्ति करने के बाद इन किसानों के 51.96 लाख रुपये अभी भी अनपेड हैं। इसकी वजह उनके बैंक खाता संख्या गलत होने या किसान की मृत्यु हो जाना आदि माना जा रहा है। गन्ना विभाग ने इस किसानों की जानकारी हासिल करने के लिए गन्ना पर्यवेक्षकों को लगा रखा है। जिससे गन्ना मूल्य की अनपेड धनराशि को संबंधित किसानों के बैंक खाते में भेजा जा सके।
शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने के बाद समिति में बैंक खाता गलत दर्ज होने के चलते संबंधित किसान का गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो पाता। उनका गन्ना मूल्य समिति के खाते में ही रह जाता है। इसे अनपेड गन्ना मूल्य कहा जाता है। इस वर्ष तक जनपद की पांच गन्ना विकास समितियों में 5369 किसानों का 6.93 करोड़ 44 लाख रुपये अनपेड खाते में थे। इसे लेकर गन्ना विभाग ने गन्ना पर्यवेक्षकों को उन किसानों की तलाश करने के निर्देश दिए जिनका गन्ना मूल्य समितियों में अनपेड था। गन्ना विभाग के प्रयास के चलते अब तक 4568 किसानों का 6.41 करोड़ रुपये का अनपेड गन्ना मूल्य का भुगतान संबंधित किसान या उसके वारिस के खाते में कर दिया गया है, जबकि 801 किसानों के 51.96 लाख रुपये अभी भी गन्ना समितियों में अनपेड हैं। (संवाद)
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- जल्द जारी होगा पर्चियों का प्री कैलेंडर
गांव-गांव में सट्टा प्रदर्शन करने के बाद अब गन्ना विभाग पर्चियों का प्री कैलेंडर की तैयारी अंतिम चरण में है। सट्टा प्रदर्शन के समय आई किसानों की आपत्तियों का निस्तारण इस प्री कैलेंडर में किया गया है। प्री कैलेंडर को किसानों के बीच वितरित कराया जाएगा। जिससे यदि प्री कैलेंडर में कोई त्रुटि हो उसे फाइनल कैलेंडर में दूर किया जा सके।
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वर्जन
जनपद की पांच गन्ना विकास समितियों में 801 किसानों के 51.96 लाख रुपये अनपेड गन्रा मूल्य हैं। गन्ना पर्यवेक्षकों को इन किसानों की तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं। अनपेड गन्ना मूल्य की बड़ी वजह समिति में बैंक खाता संख्या गलत होना, किसान की मृत्यु हो जाना, वारिस नहीं होना आदि हैं। सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
जनपद में अनपेड गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति (लाख रुपये में)
गन्ना समिति किसान गन्ना मूल्य
सहारनपुर 543 13.89
सरसावा 31 3.81
नानौता 159 32
बेहट 50 0.65
देवबंद 18 1.61
योग 801 51.96
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नोट: गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।