सहारनपुर। हाईवे पर पुलिस की गश्त से लेकर एनएचएआई की तरफ से एंबुलेंस की सुविधा के तमाम दावे किए जाते हैं। इन दावों की जमीनी हकीकत जानने के लिए रविवार रात मुजफ्फरनगर रोहाना टोल से लेकर बिहारीगढ़ तक करीब 80 किमी की दूरी में अमर उजाला की पांच टीमों ने पड़ताल की। स्टेट हाईवे का दर्जा होने के बावजूद इतनी दूरी में केवल चार जगह पुलिस दिखाई दी और एंबुलेंस कहीं पर भी मिली। यह स्थिति तब है जब उत्तराखंड से जोड़ने वाला यह मुख्य हाईवे है, जिससे बड़ी संख्या में पर्यटक गुजरते हैं। सर्दियों में कोहरे के कारण कोई हादसा हो जाए तो इस हाईवे पर सुरक्षा भगवान भरोसे हैं।
देवबंद से मुजफ्फरनगर सीमा से सटे रोहाना टोल तक 10 किमी :
अमर उजाला की एक टीम ने रात 10 बजे मुजफ्फरनगर की तरफ रूख किया। रोहाना टोल प्लाजा तक करीब 10 किमी की दूरी है। इस दूरी में न पुलिस दिखाई दी और न ही एंबुलेंस। इस दूरी में कई पेट्रोल पंप, शिक्षण संस्थान, मंदिर, होटल और कई ढाबे भी पड़ते हैं। घलौली पुलिस चेक पोस्ट भी है, लेकिन यहां भी सन्नाटा पसरा मिला।
तल्हेड़ी बुजुर्ग से देवबंद 10 किमी :
दूसरी टीम ने तल्हेड़ी बुजुर्ग से देवबंद तक करीब 10 किमी पड़ताल की। यहां पर एंबुलेंस तो कहीं दिखाई नहीं दी। हालांकि रात 10:34 पर साखन नहर पर पीआरवी 0977 एक ढाबे पर खड़ी मिली। रात 11 बजे तल्हेड़ी पुलिस चौकी पर देवबंद कोतवाली प्रभारी एक हादसे की कागजी कार्रवाई पूरी करते मिले।
नागल से तल्हेड़ी बुजुर्ग 10 किमी :
तीसरी टीम ने नागल से तल्हेड़ी बुजुर्ग तक करीब 10 किमी की दूरी में सुरक्षा व्यवस्था जानी। हाईवे पर यहां न एंबुलेंस और न ही पुलिस मिली। तल्हेड़ी पुलिस चौकी पर देवबंद निवासी सौरभ शर्मा और शिवम एक दुर्घटना होने के बाद चौकी इंचार्ज की बांट जोह रहे थे। चौकी में उस वक्त दो सिपाही मौजूद थे।
गागलहेड़ी से नागल 15 किमी :
चौथी टीम ने गागलहेड़ी से नागल तक 15 किमी की दूरी में पड़ताल की। 10 से 11 बजे के बीच कहीं भी पुलिस या एंबुलेंस नहीं मिली। यह स्थित तब मिली जब इस दूरी में गागलहेड़ी और नागल थाना क्षेत्र लगता है।
कोलकी टोल प्लाजा से मोहंड तक 35 किमी :
पांचवीं टीम ने सहारनपुर बाईपास पर कोलकी टोल से बट्टनवाला टोल प्लाजा तक 10 किमी तक हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जो गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में आता है। इस दूरी में कोई भी पुलिसकर्मी हाईवे पर नहीं दिखा। यही टीम बट्टनवाला टोल प्लाजा से मोहंड तक पहुंची। फतेहपुर थाने की लश्करपुर पुलिस चौकी पर सड़क किनारे चौकी प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मी दिखाई दिए। करीब तीन किमी आगे बड़कला फ्लाईओवर उतरते ही पीआरवी 973 दिखाई दी। इसके बाद हाईवे पर कुछ हिस्सा उत्तराखंड जिले का आया। अमानतगढ़ पुलिस चौकी पर हरिद्वार जिले की पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। थोड़ा आगे जाने के बाद फिर सहारनपुर के बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र की सीमा शुरू हुई। वहां भी पुलिसकर्मी दिखाई दिए।
लाठी और टार्च से वन तस्करों पर नजर
रात करीब 11 बजे शिवालिक वन क्षेत्र की सीमा के आरंभ में गांव गणेशपुर निवासी वन संविदा कर्मी भीमपाल दिखाई दिया। जो कड़ाके की ठंड में लाठी और टार्च लिए मचान पर बैठकर वन तस्करों पर नजर रख रहा था।
इनपुट : मोहित शर्मा, नौशाद उस्मानी, दुर्गेश कुमार, अनुज स्वामी, विनोद शर्मा