परमात्मा के गुणगान का स्थल होता है तीर्थ : सागर
सहारनपुर। जैन मुनि विरंजन सागर महाराज ने कहा कि जिस स्थान पर परमात्मा का गुणगान होता है, वह स्थान पवित्र हो जाता है। उस स्थान को तीर्थ की संज्ञा दी जाती है। दीनानाथ बाजार स्थित नेमिनाथ मंदिर में जैन मुनि विरंजन सागर महाराज ने कहा कि शुद्ध मन से भगवान के गुणों का गान करने वाला कितना पवित्र होगा और जिसकी आत्मा में भगवत् तत्व प्रकट हो गया। उसकी पवित्रता कितनी उच्च कोटि की होगी। इसका हम अनुमान नहीं लगा सकते। ऐसे महान गुरु सब के लिए मंगलकारी होते हैं। इनसे हमें अध्यात्मिक शिक्षा मिलती है। हमारी आत्मा की उन्नति होती है। राजेश जैन, संजीव जैन, महावीर जैन, विपुल जैन, अजय जैन, राजन जैन, अरूण जैन, आशीष जैन, राजीव जैन, अवनीश जैन, चंद्रभान जैन, विपिन जैन, सुधीर जैन, अरविंद जैन, प्रकाश जैन, संजय जैन, राजा जैन, मोहित जैन, सुधीर जैन, रेणु जैन, सुनीता जैन, शशी जैन, बीना जैन, पायल जैन, वीणा जैन, अजय जैन, जयदीप जैन, प्रिंस जैन मौजूद रहे।