सहारनपुर। जनपद में शुक्रवार को इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। इसमें निवेशकों को सम्मानित करने के साथ ही उन्हें विभिन्न विभागों की योजनाओं से अवगत कराया गया। बृहस्पतिवार शाम तक जनपद में निवेश 5029 करोड़ रुपये था। वह 24 घंटे में 707 करोड़ रुपये बढ़ कर 5736 करोड़ रुपये हो गया। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि जनपद को 10 फरवरी तक 5250 करोड़ का निवेश लक्ष्य मिला था, जबकि आज तक 5736 करोड़ से अधिक के एमओयू हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं। जिससे 30857 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने उद्योगपतियों से 10 फरवरी तक इसको दोगुना करने की अपील की।
महानगर में शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में जनपदीय इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने निवेशकों को प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया। हथकरघा विभाग के वस्त्र निरीक्षक अनिल दीक्षित, ईपीसीएच के सहायक निदेशक मोहित, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार सक्सेना आदि ने विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपायुक्त उद्योग सिद्धार्थ यादव ने नई एमएसएमई नीति, उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनपद में 115 निवेशकों द्वारा 5736.56 करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं। जिससे करीब 30857 लोगों के लिए रोजगार सृजित होगा। दिल्ली से लेकर पंजाब तक की उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। दिल्ली के अमित राणा, जविल राणा, पंजाब के खन्ना से राजवीर बंसल आदि शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश में निवेश का अनुकूल माहौल : बृजेश सिंह
लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का अनुकूल माहौल है। इच्छुक उद्यमी अधिक से अधिक निवेश कर प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति का लाभ उठाएं। यदि किसी निवेशक को किसी भी स्तर पर कोई समस्या होती है तो उसका त्वरित समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है। यदि मेरा जिला विकसित होगा तो उत्तर प्रदेश भी विकसित होगा। जनपद की जितनी जीडीपी बढ़ेगी उतना ही रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने उद्योगपतियों से सकारात्मक ऊर्जा के साथ निवेश करने के लिए आह्वान किया। सांसद प्रदीप चौधरी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर उद्योगों के विकास के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उद्योगों को नई पहचान मिली है। उद्योग बढ़ने से लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने उद्यमियों से जनपद में ज्यादा से ज्यादा निवेश करने का आह्वान किया।
प्रदेश में निवेश के लिए माहौल अनुकूल है। एमएसएमई सेक्टर के लिए बनाई गई नई नीति से इस क्षेत्र में विकास होगा। इसके चलते उद्यमियों में निवेश को लेकर उत्साह है। प्रमोद सडाना, चैप्टर चेयरमैन आईआईए।
प्रदेश सरकार के साथ ही जिला प्रशासन भी उद्योग बंधुओं को सहयोग कर रहा है। उद्यमियों की समस्याओं को त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। निवेश के लिए यह बेहतर अवसर है। अनुपम गुप्ता, जिलाध्यक्ष लघु उद्योग भारती।
उद्यमियों को जो सुविधाएं पहले 150 एकड़ के औद्योगिक क्षेत्र के लिए मिलती थी वह अब 10 एकड़ पर भी मिल रही है। यह निवेश करने का उत्तम समय है। प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए बढि़या माहौल है। - रविन्द्र मिगलानी, अध्यक्ष सीआईएस।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इंडस्ट्रीज फ्रेंडली वातावरण बना दिया है। जनपद में कलस्टर और कॉमन फैसिलिटी सेंटर निर्माण का काम प्रगति पर है। जिससे जनपद में निवेश के लिए अनुकूल माहौल पैदा कर रहा है। रामजी सुनेजा, वरिष्ठ उद्यमी एवं निर्यातक।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, विधायक देवेंद्र निम, राजीव गुम्बर, किरत सिंह एवं मुकेश चौधरी, पूर्व सांसद राघव लखनपाल, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी, उपायुक्त उद्योग सिद्धार्थ यादव, सहायक आयुक्त उद्योग ज्योति त्यागी, मनजीत सिंह अरोड़ा, परविन्दर सिंह, साहब सिंह पुण्डीर, सचिन जैन, अमित राणा, जैविल राणा, अनुज कुमार गर्ग, किरण गिरधर, प्रियेश गर्ग, सुनील सैनी आदि मौजूद रहे।
एक नजर में जनपद में निवेश (करोड में)
सेक्टर निवेशक निवेश रोजगार
वुड कार्विंग 17 1634 10,000
फूड प्रोसेसिंग 12 382 1200
निजी औद्योगिक पार्क 06 835 9000
पोल्ट्री फार्म 06 1000 750
होजरी-टेक्सटाइल 10 180 600
जैव ऊर्जा 06 210 200
डिस्टलरी 01 400 2000
अन्य 58 1095 7107
नोट : उद्योग विभाग के आंकड़ों के अनुसार।