विकास की बात :
- रजबहों और माइनरों की कुल संख्या 76, सफाई के लिए मिले हैं दो करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रबी की फसलों की बुवाई से पहले रजबहों और माइनरों की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में रजबहों और माइनरों की कुल लंबाई 673 किलोमीटर है, जिसकी सफाई के लिए दो करोड़ रुपये का बजट मिला है। ज्यादातर रबजहे और माइनरों की सफाई हो चुकी है। कार्य अंतिम चरण में है।
इन दिनों रबी की फसलों की बुवाई चल रही है, जिनमें से सहारनपुर में गेहूं और सरसों प्रमुख हैं। इनके अलावा गन्ने की पैदावार भी अच्छी खासी होती है। फसलों की सिंचाई में रजबहे और माइनर बड़ी भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक वर्ष इन रजबहों और माइनरों की सफाई सिंचाई विभाग के द्वारा कराई जाती है। इस बार भी सफाई का कार्य चल रहा है। सहारनपुर में छोटे और बड़े रजबहे और माइनरों की कुल संख्या 76 है। इनमें 54 माइनर और 22 रजबहे शामिल हैं। जिनकी सफाई के लिए दो करोड़ रुपये सिंचाई विभाग को मिले हैं। इन दिनों जेसीबी की मदद से तेजी के साथ सफाई का कार्य चल रहा है, जिससे किसानों को समय से पानी निर्बाध तरीके से उपलब्ध कराया जा सके। संंबंधित अधिकारियों का कहना है कि है कि सभी माइनरों की सफाई लगभग पूर्ण हो चुकी है। रजबहे भी ज्यादातर साफ हो चुके हैं।
- 15 साल से नहीं आता पानी, कराई जा रही सफाई
शकलापुरी मार्ग के साथ-साथ कभी कंपनी बाग तक आने वाले रजबहे में करीब 15 साल से पानी नहीं आ रहा है। पानी केवल ज्ञानागढ़ मोड़ तक आता है। लेकिन सिंचाई विभाग उससे आगे करीब दो किलोमीटर की सफाई करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे पानी छोड़ने से आबादी के प्रभावित होने का खतरा है।
- रजबहों और माइनरों की सफाई का कार्य अंतिम दौर में है। जनपद में कुल 76 रजबहे और माइनर हैं, जिनकी लंबाई 673 किलोमीटर है। इनकी सफाई के लिए दो करोड़ रुपये का बजट मिला था। प्रयास यही है कि किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध पर्याप्त मात्रा में पानी मिले। - अभिमन्यु सिंह राय, अधिशासी अभियंता, अपर खंड पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर।