सहारनपुर। शिवालिक श्रेणियों में फौज द्वारा किए जाने वाले गोलाबारी अभ्यास के दौरान नुकसान से परेशान वन गुर्जरों ने पुनर्वास की मांग को लेकर डीएम आलोक कुमार पांडे को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में वन गुर्जरों के लगभग 1500 परिवार गोलाबारी अभ्यास के दौरान खतरे में रहते हैं। बृहस्पतिवार को डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में वन गुर्जरों ने कहा कि उनके परिवार सदियों से जनपद की शिवालिक श्रेणियों के मोहंड रेंज, शाकंभरी रेंज और बादशाही रेंज सहित अन्य खोलों में जीवन यापन करते हैं। इसके लिए वन विभाग ने वन गुर्जरों को वनाधिकार का परमिट जारी कर रखा है। लेकिन फौज द्वारा गोलाबारी के अभ्यास के दौरान कई बार उन्हें और पशुओं को नुकसान हो जाता है। 15 मार्च को भी गोलाबारी अभ्यास के दौरान एक वन गुर्जर महिला की मौत हो गई थी। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि अभी तक अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पारंपरिक वन निवासी अधिनियम 2006 को हमारे क्षेत्र में लागू नहीं कराया गया है। उन्होंने 1500 परिवारों वाले इस समुदाय का पुनर्वास कराने की मांग की। नूर जमाल, सफी, मुस्तफा, यूसुफ नूर अहमद, सुल्तान, गामी, रोशन, जहूर, सफूरा बीबी, गुलमनव आदि रहे।