सहारनपुर। संयुक्त पेंशनर्स समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। मंडलीय संयोजक पीएम ध्यानी ने कहा कि एक जनवरी 1986 से पूर्व पेंशन का भुगतान राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा किया जा रहा था, जिसमें सरकार उनको सेवा शुल्क देती थी, लेकिन वास्तविक भुगतान से करीब 500 करोड़ की राशि शासन से अधिक प्राप्त कर ली थी और इसका समायोजन नहीं रहा था। सरकार ने तब पेंशन का भुगतान राष्ट्रीयकृत बैंकों से वापस लेकर कोषागार से शुरू कराया था। मगर, 500 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान बैंकों से आज तक नहीं हुआ है। इन बीस वर्षों में कोषागारों की कार्य प्रणाली में बेहद सुधार हुआ है, लेकिन सरकार फिर से राष्ट्रीयकृत बैंकों से पेंशन भुगतान की योजना बना रही है, जिससे पेंशनर्स में रोष है। सेवाराम, रामेश्वर प्रसाद, सुखपाल सिंह, जेडी कौशल, इलमचंद सैनी, जनेश्वर प्रसाद, विष्णु दत्त, एसएम कौशिक मौजूद रहे।