पंचायती जैन मंदिर में आर्जव धर्म की पूजा की
सरसावा। पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन आर्जव धर्म की पूजा की गई। इसमें जैन विद्वान सतीश चंद जैन आर्जव धर्म के महत्व की व्याख्या की।
रविवार को सर्राफा बाजार स्थित पंचायती जैन मंदिर में नित्यनियम पूजा पाठ किया गया। पर्यूषण मनाते हुये तीसरे दिन आर्जव धर्म की पूजा की गयी थी तथा जीवन में आर्जव का भाव रखने का संकल्प लिया गया। शास्त्र सभा में जैन विद्वान सतीश चंद जैन ने कहा कि यदि जैन मूलाचार को अपनाया जाए तो मानव मात्र को कष्ट से मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि आर्जव धर्म जीवन को सरल बनाने का धर्म है। उन्होंने कहा कि मन वचन कर्म से सरल प्रवृत्ति अपनाना ही आर्जव धर्म है। किसी को दिखाने के लिये नही अपितु स्वयं के लिये सरल बने क्योंकि इस भौतिकवादी दुनिया में दिखावे के कारण मानव दुखी है यदि आर्जव धर्म का पालन किया जाये तो कई समस्याएं स्वत: दूर हो जाएंगी। अपने विचार अपनी वाणी तथा अपनी कार्यशैली को समान रखो तो सुख का पिटारा खुल जाएगा। रात्रि सत्र में धार्मिक प्रतियोगिताएं भी कराई गईं।