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श्रीमदभागवत कथा

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बच्चों में चरित्र और संस्कार का समावेश करें माताएं
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छुटमलपुर। कथा व्यास आचार्य पंडित सत्यानंद महाराज ने कहा कि वर्तमान में दुखों का बड़ा कारण धर्म आधारित जीवन से विमुख होना है। इसके लिए माताओं को बच्चों में चरित्र और संस्कारों का समावेश करना होगा। ताकि आने वाली पीढ़ी सुसंस्कृत और धार्मिक विचारों वाली बन सके। श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अंतर्गत कसबे के मनकामेश्वर शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आचार्य सत्यानंद महाराज ने कहा कि धर्मानुकूल आचरण हमें मोक्ष की तरफ ले जाता है। जब जब मनुष्य धर्म के मार्ग से विचलित हुआ है तभी परेशानियों से घिरा है। उन्होंने कहा कि परनिंदा, ईष्या, द्वैष, आपसी बैर को भुला कर इंसानियत का भाव हमें अपने अंदर पैदा करना होगा। भगवत गीता में योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण ने जो संदेश दिया है वहीं जीवन का तात्विक सार है। इस मौके पर विमला गोयल, भीम सेन, विकास गुप्ता, प्रमोद शर्मा, नीरज गोयल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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