सहारनपुर। शासन प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो पा रहा है। जनपद में गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्त हो चुका है और अन्य मिलों का पेराई सत्र भी समाप्ति की ओर है। इसके बावजूद जिले की देवबंद को छोड़कर अन्य पांच चीनी मिलों पर किसानों के करीब 502.78 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं।
जनपद की छह चीनी मिलों में से देवबंद को छोड़कर अन्य पांच मिलें समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान करने में कोताही बरत रहीं हैं। गन्ना क्रय अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान पर 15 प्रतिशत की दर से बकाया पर ब्याज देने का प्रावधान है। इसके बावजूद किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान हो रहा है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही दिया जा रहा है। जिले में सबसे अधिक बकाया गांगनौली चीनी मिल पर है। गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिल अपना पेराई सत्र समाप्त कर चुकी हैं। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट है।
जनपद में देवबंद के अलावा बाकी सभी पांचों चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य बकाया है। सबसे अधिक 301.52 करोड़ रुपये बकाया गांगनौली चीनी मिल पर हैं। चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में तेजी करने के निर्देश दिए गए हैं। भुगतान करने में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों पर कार्रवाई की जाएगी। सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
बकाया गन्ना मूल्य करोड़ रुपये में
मिल बकाया
गांगनौली 301.52
शेरमऊ 41.80
गागलहेड़ी 66.2
नानौता 68.03
सरसावा 45.34
नोटः गन्ना विभाग के 18 अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार।