सहारनपुर। जनपद के 46 गांव और महानगर की 19 काॅलोनियों में डेंगू-मलेरिया का अधिक खतरा है। स्वास्थ्य विभाग ने इन क्षेत्रों को चिह्नित कर संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। इन जगहों पर विशेष निगरानी कर अधिक सतर्कता बरती जा रही। टीम लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक कर रही है। इसके साथ ही मच्छर रोधी दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
मौसम बदल रहा है। एसबीडी जिला अस्पताल, निजी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार, खांसी, जुकाम सहित अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही। आलम यह है कि अस्पतालों में चिकित्सकों को दिखाने के लिए मरीजों की लंबी कतार लग रही है। अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200 से 1500 के बीच मरीज आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल डेंगू के 168 केस मिले थे, जबकि मलेरिया का कोई केस नहीं मिला था। वर्ष 2019 में डेंगू और मलेरिया दोनों ने जमकर कहर बरपाया। 198 मलेरिया और 236 डेंगू के मरीज मिले। यही नहीं 200 से अधिक डेंगू से लोगों की जान गई। अब मलेरिया विभाग का संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इस बार पिछले सालों के डेंगू-मलेरिया के केसों को देखते हुए 46 गांव और 19 काॅलोनियों को संवेदनशील घोषित किया है। इनके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज, नकुड़, नानौता, गागलहेड़ी, चिलकाना, मुजफ्फराबाद और बेहट भी संवेदनशील हैं।
-
ये हैं संवेदनशील क्षेत्र
गांव दूधली, अफगानहेड़ा, सांपला बेगमपुर, रणदेवा, ठसका, दाबकी गुर्जर, मेहरबानी, सलेमपुर भूखड़ी, बहुपुर, इस्माइलपुर, घाना खंडी, सरुरपुर, मानकपुर, अहमदपुर, हैदरपुर, गदरहेड़ी, नथमलपुर, धलापड़ा, मिर्धान, नासिरपुरा, बीडवी, ढिक्का कलां, अगवाहनहेड़ा, वाजिदपुर, सतुआ, दूधगढ़, मरोड़ गढ़, चालाकपुर, अलीपुरा, फैजाबाद, कासमपुर, उनाली, मेघ छप्पर, टपरी, भलस्वा, रुपड़ी, बलियाखेड़ी, पथरवा, झंझौली, हरेटी, चकहरेटी, मानकमऊ, रसूलपुर, बीदपुर, धंडौली, थरौली। नकुड़, नानौता, गागलहेड़ी, चिलकाना, मुजफ्फराबाद और बेहट।
महानगर की काॅलोनियों में हकीकत नगर, मंडी समिति रोड, टीचर्स काॅलोनी, अशोक विहार, बेहट रोड, खाताखेड़ी, जनकनगर, श्याम नगर, लक्की गेट, आजाद काॅलोनी, वसंत विहार, शारदा नगर, मदनपुरी, नवीन नगर, अजीज काॅलोनी, राधा विहार, नदीम काॅलोनी, एकता काॅलोनी, हिम्मत नगर।
-चार ब्लॉकों में डेंगू का अधिक रहा प्रकोप
जनपद के चार ब्लॉक सरसावा, पुवांरका, साढ़ौली कदीम और मुजफ्फराबाद में डेंगू का सबसे अधिक प्रकोप रहा है। इनमें सरसावा सहित 26 गांव हैं, जबकि पुवांरका के सात, मुजफ्फराबाद, साढ़ौली कदीम के तीन-तीन गांव शामिल है। साल 2021 में 453 डेंगू के मरीज मिले थे।
फैक्ट फाइल
वर्ष 2019
स्लाइड बनीं - 2,48,220
डेंगू मरीज - 236
मलेरिया मरीज - 198
-
वर्ष 2020
स्लाइड बनीं - 77,147
डेंगू मरीज - 21
मलेरिया मरीज - 13
-
वर्ष 2021
स्लाइड बनीं - 2,48,778
डेंगू मरीज - 453
मलेरिया मरीज - 09
-
वर्ष 2022
स्लाइड बनी - 2,36,374
डेंगू मरीज - 168
मलेरिया मरीज - 00
डेंगू-मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जो गांव और काॅलोनियां संवेदनशील हैं, उन पर विशेष निगरानी की जा रही। अभी तक जनपद में डेंगू-मलेरिया का कोई केस नहीं आया है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें लगातार गांवों का भ्रमण कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। 2025 तक जनपद को मलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य है।
-शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी