- जनपद के 353 किसानों ने शीतगृहों में रखा आलू
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद के छह शीतगृहों में से चार में किसान आलू का भंडारण कर रहे हैं। जनपद में शीतगृहों की भंडारण क्षमता 14366.12 मीट्रिक टन है। शीतगृहों में अब तक मात्र 4495 मीट्रिक टन आलू का ही भंडारण हुआ है। जनपद में अभी आलू रखने की पर्याप्त भंडारण क्षमता है।
आलू के कम भाव ने न सिर्फ किसानों की पेशानी पर पसीना ला दिया है बल्कि प्रदेश सरकार भी इसे लेकर चिंतित हैं। किसानों को आलू का उचित भाव दिलाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। शीतगृहों में भी आलू के भंडारण की निगरानी के लिए उद्यान विभाग के कर्मचारियों की जिम्मेदारी लगाई है। जनपद में मात्र 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती होती है। जो स्थानीय खपत के हिसाब से पर्याप्त है। मंडी में आलू के थोक व्यापारी गुलशन आदि का कहना है कि हमारे यहां संभल, हरियाणा और पंजाब से काफी मात्रा में आलू आ रहा है। इससे आलू के भाव में कमी आई है। अभी मंडी में 400 रुपये से 600 रुपये प्रति क्विंटल का भाव चल रहा है। ग्राम मांझीपुर के किसान अमित सैनी, सुनील कुमार आदि ने बताया कि इस बार उत्पादन सही है लेकिन भाव कम होने से आलू की खेती की सिर्फ लागत ही निकल पा रही है। जनपद के किसानों ने आलू को शीतगृहों में रखना शुरू कर दिया है।
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वर्जन
हरियाणा, पंजाब एवं संभल से आ रहे आलू के चलते जनपद में आलू का भाव कम हुआ है। जनपद में 400 हेक्टेयर में ही आलू की खेती होती है, जो स्थानीय खपत के हिसाब से ठीक है। कुछ किसान शीतगृहों में आलू भंडारित कर रहे हैं। जिले के शीतगृहों में अभी भंडारण की पर्याप्त क्षमता है। अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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एक नजर में शीतगृहों की स्थिति
शीतगृहों की संख्या 06
भंडारण क्षमता 18861.12 मीट्रिक टन
भंडारित आलू 4495 मीट्रिक टन
अवशेष भंडारण क्षमता 1466.12 मीट्रिक टन
भंडारण किराया सामान्य आलू - 240 रुपये प्रति क्विंटल
भंडारण किराया शुगर फ्री आलू 160 रुपये प्रति क्विंटल
आलू का भंडारित करने वाले किसान 353
नोट: उद्यान विभाग के 14 मार्च के आंकड़ों के अनुसार।