सहारनपुर। बीते 22 दिन पहले तक जनपद में कोरोना का कोई केस नहीं था, लेकिन इसके बाद देखते ही देखते 42 कोरोना के केस मिल चुके हैं। अगर लोगों की लापरवाही नहीं रुकी तो आने वाले दिनों में कोरोना का संक्रमण और अधिक फैल सकता है। इसलिए बचाव के लिए मास्क लगाना और अन्य एहतियात जरूरी है।
गत 20 मार्च तक जनपद में कोरोना का एक भी केस नहीं था, लेकिन 21 मार्च को तीन महिला कोरोना की चपेट में आई थीं, जो साढ़ौली कदीम, बलियाखेड़ी की रहने वाली हैं। इसके बाद से जनपद में कोरोना के केस लगातार मिल रहे हैं। अब तक नकुड़, सरसावा, मेडिकल कॉलेज, जिला जेल, देवबंद, नानौता और महानगर की अलग-अलग काॅलोनियों में कोरोना के केस मिल गए हैं।
यहीं नहीं नकुड़ निवासी कोरोना संक्रमित ग्रामीण सुशील की ऋषिकेश एम्स में मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रतिदिन एक हजार से अधिक कोरोना जांच हो रही है, जो एसबीडी जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन, आईएमए भवन और ब्लॉक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रही, लेकिन लोगों की लापरवाही नहीं थम रही। अस्पतालों से लेकर बाजार में लोग बिना मास्क के ही घूम रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए मास्क बेहद जरूरी है। क्योंकि विभाग के पास कोरोनारोधी वैक्सीन पिछले ढाई महीने से खत्म है।
-कोरोना का एक केस और मिला
जिला सर्विलांस अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि बुधवार को कोरोना का एक केस मिला है, जो शहर का रहने वाला है। उसके संपर्क में आने वालों के सैंपल टीम भेजकर कराए गए हैं। अब तक जनपद में 42 मरीज मिल चुके है, 24 संक्रमित कोरोना को मात दे चुके हैं, जबकि 18 सक्रिय केस है।