बेहट (सहारनपुर)। रमजान मुबारक महीने में अल्लाह इंसानों की इबादत से खुश होकर उनके तमाम गुनाह माफ कर देता है। घघरौली स्थित मदरसा जामिया रहमत के प्रबंधक एवं ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के जिलाध्यक्ष मौलाना डॉ. अब्दुल मलिक मुगीसी ने कहा कि रमजान का महीना बरकत और रहमत वाला है, जिसमें परवरदिगार अपनी तमाम रहमतें, नियामतें अपने बंदों को बक्श देता है और जो लोग इस महीने में परवरदिगार की इबादत करते हैं, उनके तमाम पिछले गुनाह अल्लाह माफ कर देता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में आप से मोहब्बत और भाईचारे को तरजीह दी गई है। हम लोगों को चाहिए कि हम उन रोजेदारों का ख्याल रखें, जिनके पास खाने पीने का सामान नहीं है। हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उन्हें सहरी और इफ्तार का सामान मुहैय्या कराएं। यह महीना परवरदिगार की तरफ से हमारे लिए खास महीना है। इस महीने में कलाममुल्लाह शरीफ उतारा गया और हम पर रहमतों का नजूल हुआ। रोजा रखने का मतलब हमें बराबरी का सबक सिखाता है। इस दुनिया में जितने भी शर्माएदार लोग है, वह भी दिन भर खुदा की रजा के लिए रोजा रखते है और जो गरीब है, जिसके पास खाने के लिए कुछ नहीं है वह भी अपने मालिके कायनात को खुश रखने के लिए रोजा रखते है, इस तरह यह महीना गरीब और अमीरी को एक जगह लाकर खड़ा कर देता है। मौलाना अब्दुल मालिक मुगीसी ने फरमाया कि इस्लाम किसी का खून बहाने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने श्रीलंका में हुए हमले की निंदा की और कहा कि इंसानियत का खून बहाने वाले इस्लाम के मानने वाले नहीं हो सकते। उन्होंने माहे रमजान में लोगों से ज्यादा से ज्यादा इबादत, नमाज और कुरान पढ़ने की हिदायत की है।