हैरानी की बात यह है कि 300 करोड़ के इतने बड़े प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय अधिकारियों के साथ कोई चर्चा ही नहीं की गई। अब मंडलायुक्त की तरफ से कमेटी बनाई गई है। कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगरायुक्त और लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता शामिल किए गए हैं।
इन बिंदुओं की नहीं दी जानकारी, अब कमेटी देगी रिपोर्ट
- आवासीय टाऊनशिप परियोजना में विकास प्राधिकरण की तरफ से कितनी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। क्या प्राधिकरण के बाद इतना बजट है?
- टाऊनशिप के लिए यदि लोन की जरूरत पड़ती है तो उसकी भरपाई किस तरीके से होगी?
- जिस जमीन पर आवासीय टाऊनशिप का विकास करना है उसका चयन किस आधार पर किया गया है?
- यह जमीन भविष्य में किस तरह से प्रयोग में लाई जा सकती है, जिससे प्राधिकरण को उससे आर्थिक लाभ मिले?
आवासीय टाऊनशिप के लिए भेजे गए प्रस्ताव में कुछ बिंदुओं का उल्लेख नहीं किया गया था। इसके लेकर कमेटी बना दी गई है। जो उन बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। तब शासन को प्रस्ताव के बारे में पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। - डॉ. ह्रषिकेश भास्कर यशोद, मंडलायुक्त व अध्यक्ष सहारनपुर विकास प्राधिकरण
शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। प्रस्ताव पास होने पर जानकारी दी जाएगी। - आशीष कुमार, उपाध्यक्ष सहारनपुर विकास प्राधिकरण