सहारनपुर। बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की शान में म्हाड़ी पर लगने वाले तीन दिवसीय मेले शुरूआत धूमधाम से हो गई। महानगर के विभिन्न इलाकों से नेजे सहित 26 छड़ियां बैंडबाजों संग म्हाड़ी पर पहुंच गई। पहले दिन वेस्ट यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सहित अनेक जनपदों एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने निशान और प्रसाद चढ़ाकर मन्नते मांगी। बाबा श्री गोरखनाथ और श्री जाहरवीर गोगा महाराज के जयकारों की गूंज रही।
रविवार की दोपहर दो बजे से महानगर के विभिन्न इलाकों से बैंडबाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ 26 छड़ियां निकलनी शुरू हो गईं थीं। पुरानी मंडी से नेजे की अगुवाई में सरदार छड़ी पांच बजे अंबाला रोड स्थित काल भैरव विश्रामपुरी भैरव मंदिर पहुंची। यहां नेजा और सरदार छड़ी का पूजन हुआ। इसके साथ ही अन्य छड़ियां भी मंदिर पर पहुंच गईं। पूजन के बाद सरदार सहित सभी छड़ियां गंगोह रोड पर मानकमऊ स्थित म्हाड़ी की ओर प्रस्थान कर गईं। देर शाम तक सभी छड़ियां म्हाड़ी पर पहुंच गईं। छड़ियों के भक्तों में भारी उत्साह नजर आया। सभी छड़ियों को भव्य रूप से सजाया गया था।
वहीं, विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर से म्हाड़ी तक लाखों की संख्या में श्रद्धालु दिखाई दिए। छड़ियों के इंतजार में म्हाड़ी पर पहले से ही श्रद्धालु मौजूद थे। जैसे ही नेजा और छड़ियां म्हाड़ी पर पहुंचनी शुरू हुईं तो निशान चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं सैलाब उमड़ पड़ा। उधर, पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और रूट भी डायवर्ट रहा।
- झूले और खिलौने की दुकानें रहीं आकर्षण का केंद्र
म्हाड़ी पर लगे मेले को लेकर गंगोह मार्ग खिलौनों, प्रसाद और चाट पकौड़ी की दर्जनों दुकानें लगी हुईं हैं। छोटे-छोटे बच्चे अपने परिजनों के साथ दुकानों पर तरह-तरह के खिलौने खरीदते नजर आए। म्हाड़ी के बराबर में खाली पड़े मैदान पर झूले लगाए गए।
- कभी लगती थीं छड़ियों की दौड़
35 वर्ष पूर्व गंगोह मार्ग पर छड़ियों की दौड़ लगती थी। छड़ियों की दौड़ मानकमऊ में बड़ी नहर से शुरू होती थी और म्हाड़ी पर पहुंचकर संपन्न होती थी। छड़ियों के निशानिए छड़ी को लेकर दौड़ते थे, जो छड़ी दौड़ में विजयी होती थी, उसके निशानियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता था। हालांकि दौड़ के दौरान श्रद्धालु घायल हो जाते थे, जिस वजह से प्रशासन ने दौड़ पर रोक लगा दी थी।
- तीन दिन तक पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु
मेला तीन दिन तक चलेगा, जिसमें लाखों श्रद्धालु निशान और प्रसाद चढ़ाने पहुंचेंगे। मंगलवार को छड़ियां सुबह आठ बजे म्हाड़ी से अंबाला रोड स्थित श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर पहुंचेंगीं। यहां छड़ियां पूरे दिन खड़ी रहेंगी और शाम को पांच बजे यहां से चलकर अपने-अपने स्थानों पर पहुंच जाएंगी।
- चाकचौबंद रही सुरक्षा, चप्पे-चप्पे पर नजर
म्हाड़ी मेले को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। घंटाघर से लेकर अंबाला रोड पर विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, यहां से गंगोह रोड पर म्हाड़ी तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात हैं। इसके साथ ही दो एसपी, पांच सीओ, 12 निरीक्षक, 50 उपनिरीक्षक, 200 कांस्टेबल, 150 होमगार्ड, दो कंपनी पीएसी को लगाया गया है। वहीं, रूट डायवर्जन प्लान रविवार की सुबह आठ बजे से लागू कर दिया गया, जो मंगलवार की शाम तक जारी रहेगा।
- यह है यातायात व्यवस्था
- नकुड़/फन्दपुरी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को छोड़कर अन्य वाहन मानकमऊ ओर नहीं आएंगे। ये वाहन कुम्हारहेड़ा बाईपास से संचालित होंगे।
- श्रद्धालुओं के वाहनों को छोड़कर मानकमऊ की ओर से किसी भी प्रकार का वाहन गंगोह व नकुड़ की ओर नहीं जाएगा। यह वाहन अंबाला रोड से नकुड़ तिराहे से होकर सरसावा से गंगोह व नकुड़ की ओर संचालित होंगे।
- चौकी फंदपुरी से मानकमऊ की ओर मेले में आने वाले वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहन कुम्हारहेड़ा बाईपास से सहारनपुर शहर की ओर जाएंगे।
- श्रद्धालुओं के वाहनों को छोड़कर नकुड़ तिराहे एवं मानकमऊ पुलिया से किसी भी प्रकार का वाहन म्हाड़ी मेले की ओर नहीं जाने दिया जाएगा।