मौरा गांव में सिंचाई विभाग द्वारा बनाया रहा प्रोजेक्ट
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बड़गांव (सहारनपुर)। देवबंद विधानसभा के जड़ौदा पांडा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों को वर्ष 2022 में भी लिंक नहर से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल सका। पिछले 30 वर्षों से नल्हेड़ा रजबहे में पानी नहीं आने से इलाके के किसान परेशान हैं। पानी नहीं आने से उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। जड़ौदा पांडा, जयपुर, शेरपुर, घिसरपड़ी, नयागांव, बालू माजरा, लोटनी, सिसौनी, किशनपुर, मौरा, तिलफरा आदि के किसानों ने गंगा की लिंक नहर फीडर चैनल देवबंद से 35 क्यूसेक पानी नल्हेड़ा रजबहे में देने की मांग को लेकर संघर्ष समिति बनाकर कई बार आंदोलन और भूख हड़ताल तक की। इसके बाद गत विधान सभा चुनाव से पहले 3.58 करोड़ रुपये की लागत से प्रोजेक्ट मंजूर कर उस पर कार्य शुरू कराते हुए एक साल के अंदर पानी दिलाने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन दो साल बाद भी पानी नहीं मिल सका है।
बोले ग्रामीण
पानी दिलाओ संघर्ष समिति से जुड़े अरविंद त्यागी का कहना है कि पिछले दो वर्ष में केवल विभाग द्वारा मौरा गांव में इमारत ही ही बन पाई है। यहां पर निर्माण कार्य कछुआ चाल से हो रहा है
प्रिंस त्यागी का कहना है नल्हेड़ा रजबहे में पानी देने के लिए विभाग द्वारा बनाया जा रहा प्रोजेक्ट अभी आधा अधूरा पड़ा है और पिछले दो महीने से इस प्रोजेक्ट पर काम भी बंद है।
पूर्व प्रधान विनोद कुमार मौरा का कहना है जब भी कोई चुनाव आता है, तभी जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देते हैं। चुनाव के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
पूर्व चेयरमैन कर्मवीर सिंह बताते है खेती के लिए पानी की समस्या को लेकर बहुत संघर्ष हुए। पानी की आस लिए हुए वर्ष 2022 भी बीत गया, लेकिन अभी तक जड़ौदा पांडा क्षेत्र के दर्जन भर से ज्यादा गांवों के बाशिंदे इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की बांट जोह रहे हैं।
किसानों को लिंक नहर से सिंचाई के लिए पानी दिलाने के लिए सरकार गंभीर है। विद्युुत निगम का कुछ कार्य शेष है, जिसे शीघ्र ही पूरा कराया जाएगा।
- बृजेश सिंह, राज्य मंत्री, लोक निर्माण विभाग