नानौता। जैन मुनि 108 श्री तरुण सागर जी महाराज के निधन पर नगर के जैन समाज के लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी। जैन समाज के लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए णमोकार मंत्र का जाप किया और दो मिनट का मौन धारण किया। अपने कड़वे प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध जैन मुनि 108 श्री तरुण सागर महाराज का शनिवार की सुबह करीब सवा तीन बजे 51 वर्ष की आयु में निधन हो गया। करीब 20 दिन पहले तरुण सागर को पीलिया हुआ था, जिसके चलते वे बहुत कमजोर हो गए थे। सेहत में कोई सुधार होता हुआ न देखकर उन्होंने खाना-पीना त्याग दिया था। वे दिल्ली में चतुर्मास स्थल पर थे। दिल्ली के शाहदरा के कृष्णनगर में शनिवार सुबह सवा तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की जानकारी मिलते ही नानौता क्षेत्र के जैन समाज के लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी। जैन समाज द्वारा मंदिर जी में णमोकार मंत्र का जाप किया गया और दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आशीष जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, मनोज जैन सराफ, अनिल जैन उर्फ चुन्नू, जिनेंद्र जैन, सुभाष जैन, प्रधानाचार्य पंकज जैन, सुशील जैन, प्रमोद जैन, आकाश जैन, सचिन जैन, प्रवीण जैन, आदेश जैन, कालू जैन, सुदेश जैन, नितिन जैन, प्रदीप जैन, अरविंद उर्फ बारू जैन, राकेश जैन आदि उपस्थित रहे।