देवबंद (सहारनपुर)। राजपूत चेतना मंच ने चेतावनी दी है कि यदि पदमावती फिल्म को रिलीज किया गया तो उस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
मंगलवार को रणखंडी रोड पर संगठन की बैठक में अध्यक्ष मुकेश राणा ने कहा कि जो जाति अपने महापुरूषों को भूल जाती है वह स्वत: ही नष्ट हो जाती है। रानी पदमावती समस्त हिंदू समाज का स्वाभिमान है। जिसने आग में जलना मंजूर किया, लेकिन अपने शरीर को किसी विद्धर्मी को स्पर्श नहीं करने दिया। ऐसी महारानी के बारे में नाच गाने के दृश्य दिखाना निंदनीय है। रानी पदमावती माता सीता की तरह पूजनीय है। संस्थापक डा. सुखपाल सिंह ने कहा कि डायरेक्टर पैसा कमाने के चक्कर में राजपूत समाज का गलत चित्रण करते आ रहे हैं। लेकिन, अब राजपूत समाज इस प्रकार अपने इतिहास के साथ छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगा। राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना का पूरा सहयोग एवं समर्थन किया जाएगा। इससे पूर्व सदस्यों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित भी किया। अध्यक्षता डा. भानु प्रताप सिंह एवं संचालन मोकिंत राणा ने किया। इस मौके पर पवन सिंह राणा, राजेंद्र चौहान, गजराज राणा, जगबीर सिंह, रितेश राणा, लोकेश राणा, अशोक राणा आदि मौजूद रहे।