देवबंद (सहारनपुर)। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम से अब हिंदी में भी फतवे जारी किए जाएंगे। संस्था के ऑनलाइन विभाग ने हिंदी भाषा में सवाल करने और इसी भाषा में जवाब देने की व्यवस्था आरंभ कर दी है। जिसके बाद हिंदी में फतवा लेने वालों की तादात सैकड़ों में पहुंच गई है। देवबंद क्षेत्र में स्थित दारुल उलूम इस्लामी तालीम के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। संस्था के भीतर दारुल इफ्ता नाम से फतवा विभाग स्थापित है, जहां पहुंचकर लोग लिखित में मुफ्तियों से इस्लाम के हुक्म के बारे में सवाल पूछते हैं। जिसका मुफ्ती कुरान और हदीस की रोशनी में जवाब देते हैं। धीरे-धीरे दारुल इफ्ता में सवाल पूछने वालों की संख्या बढ़ने लगी और मुफ्तियों पर काम का दबाव भी बढ़ने लगा। दबाव को कम करने के लिए वर्ष 2007 के मार्च माह में संस्था में ऑनलाइन फतवा विभाग कायम किया गया और वहां से फतवा देने की व्यवस्था शुरू की गई जिसके कुछ समय बाद ही देश ही नहीं विदेशों से भी ऑनलाइन सवाल पूछे जाने लगे। 10 साल के भीतर ऑनलाइन करीब 37 हजार 455 फतवे जारी किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में ऑनलाइन फतवा विभाग ने लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक कदम और आगे बढ़ाते हुए हिंदी भाषा में फतवा देने की व्यवस्था को शुरू कर दिया है। अभी तक उर्दू, अरबी और अंग्रेजी भाषा में ही सवालों के जवाब दिए जाते रहे हैं। लेकिन अब इन भाषा का ज्ञान रखने वाले लोग हिंदी भाषा में मुफ्तियों से सवाल पूछ सकेंगे। फतवा वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक हलाल, हराम, निकाह, तलाक, औरतों के मसाईल, हज व उमरा, दावत और तबलीग आदि से संबंधित उर्दू, अरबी भाषा में करीब 28390 फतवे व अंग्रेजी भाषा में 9065 फतवे ऑनलाइन जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा दारुल उलूम की वेबसाइट पर संस्था के इतिहास को हिंदी में अपलोड किया जा चुका है।