अंबेहटा (सहारनपुर)। कस्बे में स्थित शाह आबूल मआली की दरगाह पर चल रहे 327 वें सालाना उर्स के दूसरे दिन भी भारी संख्या में जायरीनों ने दरगाह में हाजिरी लगाकर मत्था टेका तथा चादर चढ़ाई। दूसरे दिन उर्स के दौरान कुल शरीफ व चादर पोशी की रस्म अदा हुई। अटूट लंगर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। शनिवार को दूसरे दिन कई प्रदेशों से आये जायरीनों ने दरगाह पर चादर चढ़ाई। इस दौरान मुल्क, कौम की एकता व खुशहाली की दुआ मांगी गई। कुल शरीफ की रस्म भी हुई। कव्वाली में दूर दराज के कव्वालों ने एक से बढ़ कर एक कलाम पेश किए। दिन भर लंगर चला। दरगाह शरीफ में पूरे दिन जायारीनों की आवाजाही जारी रही। दरगाह के सज्जादा नशीन शाह मशरूर अहमद के अलावा सूफी जाकिर, हकीम जफर, राजू कुदुश्शी, लाला सुरेंद्र अंबाला, मुंशी रियाज, इश्तिखार अहमद, शाह बैजाद अहमद, अहतेश्याम, महताब अहमद सहित बड़ी संख्या में हिंदू-मुस्लिम जायरीनों ने शिरकत की।