चिलकाना (सहारनपुर)। मदरसा मरकज दावतुल कुरआन व सुन्नह के मोहतमिम मौलाना गयूर हुसैन मजाहिरी ने कहा कि रमजान-उल-मुबारक का महीना उम्मते मुसलमान के लिए अल्लाह की तरफ से बहुत बड़ा इनाम है। इस महीने में शयातीन शैतान को कैद कर दिया जाता है ताकि इमान वालों को अल्लाह की कुर्बत हासिल करने में ज्यादा परेशानी ना हो। इसके रोजों को फर्ज करार दिया गया है और तरावीह को सुन्नत मौकदा फरमाया है। इस महीने में जो आदमी एक नेकी करता है, तो उसको 70 नेकी करने के बराबर सवाब दिया जाता है। अल्लाह की तरफ से नेकियों की करेंसी बढ़ा दी गई है। रोजाना एक लाख जहन्नमी आजाद करके जन्नत में दाखिल किए जाते हैं। उन्होंने फरमाया कि रमजान गम ख्वारी का महीना है। गरीब लोगों के साथ हमदर्दी करनी चाहिए और अपने माल की जकात से गरीब लोगों कि जरूरत पूरी करें, इससे हमारे माल की हिफाजत की जिम्मेदारी खुद अल्लाह ने ली है। यह सब्र का महीना है रोजा रखने में जो मशक्कत और दुश्वारी पेश आए, उस पर सब्र करके बरदाश्त से काम ले। किसी से बद कलामी, बद जुबानी हरगिज ना करें अपने आप को समझालो मेरा रोजा है अल्लाह ताला के इनाम व अजर का मुस्तहीक बने।