साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। आमरण अनशन के 21वें दिन धरना स्थल पर गुस्साए किसानों ने मिल बंदी के चलते मिल मालिक का पुतला फूंक कर रोष व्यक्त किया। पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी यमुना खादर एवं घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराए जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्टूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। मंगलवार को आमरण अनशन के 21वें दिन धरना स्थल पर एकत्र किसानों ने मिल मालिक का पुतला फूंकते हुए कहा कि पिछले तीन माह से किसान धरने पर बैठे हैं। मिल मालिक चैन की नींद सो रहा है। अब तक किसान मिल से भाईचारे को कायम रखते हुए अनशन कर रहे थे, लेकिन अब वे उग्र आंदोलन छेडक़र मिल को अधिग्रहण करने का कार्य भी करेंगे। उन्होंने कहा कि लापरवाह मालिक के चलते मिल बंद हुई है। क्षेत्र का किसान हमेशा मिल हित में कार्य करता रहा है, लेकिन लापरवाह मालिक ने आज तक मानवता के नाते भी किसानो का दुख दर्द नहीं बांटना चाहा। आमरण अनशन पर किसान दर्शनलाल कांबोज, कर्मसिंह सैनी, शमशाद, अरशद, फिरोज, शाहरूख आदि का कहना है कि अब धरना स्थल पर भले ही उनके प्राण ही चले जाये जब तक मिल गेट नहीं खोले जाएंगे वे अपना अनशन नहीं तोडे़ंगे। धरने पर बैठे किसान यशपाल काम्बोज, मेघराज सैनी, यशविन्द्र, सुरेशपाल, इन्द्राज सिंह, प्रेमचंद, समय सिंह प्रधान, राजीव काम्बोज, रामपाल सैनी, चौ.ताहिर, चौ.रामपाल सिंह, बुद्ध सिंह प्रधान, वीरेन्द्र बेदी, पदमप्रकाश शर्मा, अवनीश काम्बोज, सुरेशपाल सिंह, सतीश शर्मा, चौ.देवी सिंह, शोभाराम भगत, आमिर चैहान, जायर हुसैन चांदमियां, चौ.हाशिम, हाजी मुकर्रम, अय्यूब हसन, खुर्शीद आदि ने प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया।