सहारनपुर। स्वास्थ्य विभाग 21 दिसंबर से कुष्ठ रोगियों की तलाश के लिए जिले में अभियान चला रहा है। जिलेभर में गठित 3391 टीमों ने अब तक की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सौंप दी है। 11.8 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई। इनमें कुल पांच लोगों में कुष्ठ रोग की पुष्टि हुई। जिनका विभाग ने निशुल्क उपचार कर दवाइयां शुरू कर दी है।
एसीएमओ एवं जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिले में 21 दिसंबर से कुष्ठ रोग खोज अभियान चल रहा है, जो चार जनवरी 2024 तक चलेगा। गठित टीम घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है। अब तक जिलेभर के 11,08,536 लोगों की हुई है। डॉक्टरी जांच में मात्र पांच मरीज कुष्ठ के सामने आए। इनमें तीन पॉसि बैसिलरी और दो मल्टी बैसिलरी के हैं, जो बलियाखेड़ी, देवबंद व नकुड़ क्षेत्र के रहने वाले हैं। जिनका जिला अस्पताल से निशुल्क उपचार और दवाइयां शुरू कर दी गई है, ताकि कुष्ठ रोग को समाप्त किया जा सके। जिले में इससे पहले करीब 66 कुष्ठ रोगी हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अब नए पांच मरीज मिलने से इनकी संख्या बढ़कर 71 हो गई है।
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कुष्ठ रोग के लक्षण दिखे तो विभाग को करें संपर्क
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि चमड़ी पर लाल चकते, दाग, जिनमें खुजली, चुभन या जलन न हो बल्कि सुन्न हो और गर्म-ठंडे का अहसास न हो। ये धब्बे या निशान शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं। हाथ-पैरों में नमी का अनुभव, कोहनी के नीचे, कान के पीछे या घुटने के नीचे नस का सूजना। हाथों या पैरों की उंगलियों का मुड़ना। यह कुष्ठ रोग के लक्षण हैं। ऐसे में जिला अस्पताल स्थित कुष्ठ रोग कार्यालय में जाएं और अपना निशुल्क इलाज शुरू करवाएं।