बेहट (सहारनपुर)। विधानसभा के द्वितीय सत्र में क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी द्वारा वेस्ट यूपी के विख्यात सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी को ट्रस्ट बनाए जाने से संबंधित प्रश्न उठाए गए। विधायक ने बताया कि विधान सभा में उठाए गए प्रथम प्रश्न में उन्होंने सवाल किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विख्यात सिद्धपीठ शाकंभरी देवी एवं भूरादेव मंदिरों पर प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, परंतु यहां व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। शाकंभरी देवी एवं भूरादेव दोनों धार्मिक स्थलों को ट्रस्ट बनाए जाए। उनके द्वारा यह भी जानकारी मांगी गई कि शाकंभरी देवी सिद्धपीठ को कब तक ट्रस्ट बनाया जाएगा और यदि नहीं बनाया जाएगा तो क्यों? इसके अतिरिक्त उनके द्वारा उठाए गए दूसरे प्रश्न में शिवालिक क्षेत्र में सेना के फायरिंग अभ्यास करते समय होने वाली फायरिंग से वन गुर्जरों को भारी जान माल का नुकसान होता है। उनके पुनर्वास की क्या व्यवस्था है? इस सवाल के जवाब में बताया गया कि तहसील बेहट की शिवालिक क्षेत्र की फायरिंग रेंज है, वन गुर्जर अपने मवेशियों के चुगान हेतु प्रत्येक वर्ष माह सितंबर से मार्च तक आते है एवं अस्थाई डेरे बनाकर शिवालिक वन प्रभाग के क्षेत्रों में उक्त अवधि तक रहते हैं तथा अप्रैल से अगस्त तक अन्यत्र स्थानों पर चले जाते हैं। इस क्षेत्र में वन गुर्जरों के लिए कोई स्थाई आवास नहीं है। फायरिंग के अभ्यास के दौरान जानमाल से संभावित नुकसान को देखते हुए डीएम सहारनपुर द्वारा वन विभाग की सहमति से शाहजहांपुर एवं मोहंड वन ब्लॉकों में प्रभावित गुर्जरों के परिवारों को विस्थापित किया जाए।