नकुड़ (सहारनपुर)। गांव में बिक रही अवैध शराब से परेशान ग्रामीणों ने शराब माफिया के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने गांव में शराब बेचते हुए पकड़े जाने पर आरोपी से 51 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह कई लोगों को शराब बेचते हुए रंगेहाथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर चुके हैं, लेकिन सांठगांठ के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसके बाद ही गांव के करीब डेढ़ सौ युवाओं ने संगठन बनाकर शराब माफिया के विरुद्ध अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव टाबर हरियाणा की सीमा से सटा होने के कारण हरियाणा मार्का व कच्ची शराब का गढ़ बना है। ग्रामीण जगदीश राणा, शेरपाल राणा, ओमपाल राणा, बिशंबर राणा, विक्की, पवन सिंह, सुरेंद्र, सागर व रविंद्र आदि ने बताया कि गांव में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से बिक रही मिलावटी हरियाणा मार्का व कच्ची शराब पीने से काफी संख्या में लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। शराब के कारण गांव का माहौल बिगड़ता जा रहा है तथा आये दिन झगड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह अनेकों बार पुलिस प्रशासन से गांव में बिक रही अवैध शराब पर अंकुश लगाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व गांव के कुछ युवाओं ने एक टीम बनाकर गांव में अवैध शराब बेचने वालों को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन साठगांठ के चलते आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अवैध शराब की बिक्री लगातार जारी है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि इसके बाद संगठन से करीब डेढ़ सौ से अधिक युवा व जिम्मेदार लोग जुड़ चुके हैं तथा सभी ने सर्वसंमति से गांव में अवैध शराब बेचते हुए पकड़ जाने वाले से 51 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कंवरपाल सिंह ने भी शराब माफिया के विरुद्ध अभियान चलाने वालों को पूर्ण सहयोग देने की बात कही है। उधर, थानाप्रभारी ने बताया कि अवैध शराब बेचने वालों की धरपकड़ लगातार जारी है। शराब का अवैध धंधा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।