रामपुर। कोतवाली क्षेत्र के महुनागर गांव निवासी सगे भाई रामबाबू (22) और हुकुम सिंह (19) शनिवार रात 8:30 बजे गांव लौटते समय डंपर के पीछे बाइक घुसने से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान रामबाबू की सोमवार को मौत हो गई। वहीं हुकुम सिंह का उपचार चल रहा है। रामबाबू की 15 दिन पहले ही शादी हुई थी।
शनिवार को बाइक सवार दो सगे भाई शाहबाद से गांव लौटते समय शाहबाद-आंवला रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने खड़े डंपर में बाइक घुसने से घायल हो गए थे। हादसा इतना जबर्दस्त था कि बाइक चल रहा रामबाबू डंपर में ही फंस गया था। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ लग गई थी। पीछे से आ रहे घायलों के गांव के लोगों ने दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया था।
चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया। रामबाबू की हालत गंभीर होने पर परिजन दोनों को मुरादाबाद के निजी अस्पताल ले गए थे। घटना के तीसरे दिन सोमवार सुबह करीब 10 बजे रामबाबू की मौत हो गई। रामबाबू की 15 दिन पहले ही शादी हुई थी। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी बेसुध हो गई।
वहीं जब घायल भाई को रामबाबू की मौत की जानकारी हुई तो वह भी बेहोश हो गया। मुरादाबाद पुलिस ने रामबाबू के शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव आ गए। रामबाबू मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण किया करता था। वह पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। उसका पांचवें नंबर का भाई हुकुम सिंह भी घायल है और अस्पताल में भर्ती है।
15 दिन में सूनी हो गई राजकुमारी की मांग
हादसे में जान गंवाने वाले रामबाबू की शादी 15 दिन पहले ही हुई थी। दो जून को उसकी बरात बदायूं गई थी। बदायूं क्षेत्र के मनुनगर चौराहे पर रहने वाले राजकुमारी से उसका विवाह हुआ था। हादसे के दिन यानी शनिवार को ही रामबाबू अपनी पत्नी को उसके मायके से लेकर आया था। वह पत्नी से निजी काम की बात कहकर शाहबाद गया था और फिर जीवित घर नहीं लौटा। 15 दिन में राजकुमारी की मांग सूनी हो गई।