रामपुर। चर्चित कारतूस कांड प्रकरण में सोमवार को इंस्पेक्टर पवन गिरी ने अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने उनसे जिरह की। उनकी गवाही पूरी हो गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
10 अप्रैल 2010 को पुलिस ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ज्वालानगर में रेलवे क्रासिंग के पास से एसटीएफ की टीम ने सीआरपीएफ के दो हवलदारों को गिरफ्तार कर कारतूस कांड का खुलासा किया था। इस मामले में गिरफ्त में आए दोनों हवलदारों की निशानदेही पर ही इलाहाबाद पीएसी से रिटायर्ड एक दरोगा, मुरादाबाद पीटीसी के एक आर्मर समेत बस्ती,गोंडा, बनारस समेत कई जिलों से पुलिस व पीएसीके आरमोरर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश के बाद इस प्रकरण की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। ज्यादातर आरोपी इस वक्त जमानत पर चल रहे हैं। ट्रायल के दौरान पीएसी के एक रिटायर्ड दरोगा की मौत हो चुकी है। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे द्वितीय पीएन पांडेय की कोर्ट में चल रही है जिसमें सोमवार को इंस्पेक्टर पवन गिरी ने अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा उनसे जिरह की गई। उनकी जिरह पूरी हो गई है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।