रामपुर। चर्चित कारतूस कांड में शनिवार को गवाह कोर्ट नहीं पहुंचे। जिस कारण सुनवाई टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई छह जुलाई को होगी।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2010 को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ राम-रहीम पुल के नीचे से पीएसी के सेवानिवृत्त दरोगा यशोदानंदन को गिरफ्तार करते हुए कारतूस कांड का खुलासा किया था। एसटीएफ ने इस दौरान सीआरपीएफ के हवलदार विनोद और विनेश को भी गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी और कारतूस बरामद किए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुरादाबाद पीटीसी में तैनात आर्मेरर नाथीराम सैनी को भी गिरफ्तार किया था। यशोदानंदन की निशानदेही पर इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, मऊ आदि जनपदों से भी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी यशोदानंदन की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
यह मामला एडीजे द्वितीय विजय कुमार की कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को इस मामले गवाह कोर्ट नहीं पहुंच पाए। जिस कारण मामले की सुनवाई टल गई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए छह जुलाई की तारीख तय की है।