रामपुर। आजम खां पर दर्ज शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर उसे जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने के मामले में मुकदमे के वादी व गवाह कोर्ट नहीं पहुंचे। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अब मामले की सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।सपा नेता आजम खां के खिलाफ वर्ष 2019 में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें शत्रु संपत्ति कब्जाने का भी मामला है, यह मामला सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अलमाजमीर रिजवी ने अजीमनगर थाने में दर्ज कराया था। इसमें शत्रु संपत्ति को जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने का आरोप है। जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन जौहर ट्रस्ट करता है। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जौहर ट्रस्ट के चेयरमैन आजम खां समेत अन्य सदस्यों को नामजद किया था। पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में आजम खां के साथ ही उनके बड़े बेटे अदीब आजम, छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम, डाॅ. तजीन फात्मा, चमरौआ से विधायक नसीर अहमद खां, जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम, मुख्ताक अहमद सिद्दीकी, निकहत अखलाक, जेड आर सिद्दीकी, फसी जैदी, सैयद गुलाम रिजवी, रहमत हुसैन जैदी, वसीम रिजवी, उबैद उल हक, मसूद खां गुड्डू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे
इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएएल स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुकदमे के वादी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अलमाजमीर रिजवी को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह मंगलवार को भी कोर्ट में पेश नहीं हो सके। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी एवं भाजपा विधायक के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि उनके खिलाफ कोर्ट की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
डूंगरपुर मामले में नहीं हो सकी सुनवाई
रामपुर। सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज डूंगरपुर के एक मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। गंज थाना क्षेत्र के डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के नाम पर मारपीट, लूटपाट, डकैती जैसे संगीन आरोप लगाते हुए बस्ती के लोगों ने 12 केस दर्ज कराए थे। यह मामला बस्ती निवासी गुड्डू की ओर से दर्ज कराया गया था, जिसमें सपा नेता आजम खां के साथ ही उनके मीडिया प्रभारी रहे फसाहत अली खां शानू, ठेकेदार बरकत अली, शावेज खां, इमरान, इकराम, सज्जाद को आरोपी बनाया गया था। मंगलवार को अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। संवाद