रामपुर। ज्वालानगर में चल रही श्रीमद् देवी भागवत के सातवें दिन आचार्य राजेंद्र तिवारी ने भगवती के अनेक चरित्र की कथाएं सुनाईं। कथा के दौरान 52 शक्तिपीठों की कथा को सुनाते हुए बताया कि यह 52 शक्तिपीठ माता भगवती सती के शरीर से उत्पन्न हुए। उन्होंने बताया कि जब दक्ष प्रजापति के यज्ञ में भगवान शंकर का अपमान हुआ तो माता सती शिव का अपमान सहन न कर पाईं और माता ने अपना शरीर भस्म कर दिया। बताया कि जब भगवान शंकर को यह पता चला तो माता के शरीर को अपने कंधे पर रखकर ब्रह्मांड में घूमे। अवसर पाकर भगवान नारायण ने सती के शरीर को अपने सुदर्शन चक्र से काटना प्रारंभ किया और माता सती के वे अंग 52 सब जगह गिरे। 52 जगह गिरने से संसार में 52 शक्तिपीठों का निर्माण हुआ। इन शक्तिपीठों का जो भी भक्त दर्शन करता है उसकी प्रत्येक मनोकामना पूर्ण होती हैं। इस दौरान कथा के मुख्य यजमान हेमंत पांडेय ने सभी भक्तों का धन्यवाद किया। हेमंत पांडेय ने बताया कि देवी भागवत की कथा 18 तारीख तक चलेगी और इस दिन ही भंडारे के साथ कथा की पूर्णाहुति होगी। कथा में दीप चंद्र जोशी, रोहित जोशी, प्रतीक्षा जोशी, आशा जोशी, रेखा पांडेय, लता जोशी, प्रवीण जोशी आदि मौजूद रहे।