रामपुर। दलित के साथ मारपीट करने के मामले में कोर्ट ने दोषी को दो साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही साढ़े छह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। वहीं कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में हेड कांस्टेबल को बरी कर दिया। हेड कांस्टेबल बदायूं में तैनात हैं।मामला शाहबाद कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र के ताजपुर बेहटा गांव निवासी चंद्रभान ने शाहबाद कोतवाली में 21 फरवरी 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि वे और उनके साथी किशन लाल सैफनी स्थित कमल हसन की दुकान पर सामान लेने गए थे। आरोप है कि इस दौरान फुल्लू व कमल हसन ने उसके साथ मारपीट की, जिससे किशनलाल को चोटें आई। इसके बाद दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। सुनवाई के दौरान फुल्लू की मौत हो गई। विवेचना में शाहबाद कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल क्लर्क फिरोज खां का नाम भी सामने आया। पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कमल हसन को दोषी मानते हुए दो साल की कैद व 6500 रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में हेड कांस्टेबल क्लर्क फिरोज खां को बरी कर दिया। फिरोज खां फिलहाल बदायूं में तैनात हैं।