रामपुर। कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां दावों में पूरी हैं लेकिन वास्तविक तौर पर विभाग कोरोना के संक्रमण के प्रति अब भी लापरवाह बना बैठा है। सीएमओ के निर्देश के बाद भी अस्पताल के भीतर कोविड संबंधी गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। अस्पताल में अभी तक कोविड डेस्क स्थापित नहीं की गई है। कोरोना की पिछली लहर के बाद से मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग बंद पड़ी है। यही हाल शहर के अंदर कोरोना की सैंपलिंग के लिए चिह्नित किए गए स्थानों का है। यहां पर कोरोना की जांच के नाम पर स्वास्थ्य टीम की ओर से केवल खानापूर्ति की जा रही है।
जिला अस्पताल में मंगलवार को कोविड वार्ड में मॉक ड्रिल संपन्न होगी। एडी हेल्थ अस्पताल प्रशासन की तैयारियों को परखेंगी। इससे पहले अस्पताल प्रशासन अपनी तैयारियों को पूरी करने का दावा कर रहा था। लेकिन सोमवार को इन दावों की कलई खुल गई। कोविड वार्ड को पीआईसीयू और आईसीयू में बांटा गया है। आईसीयू वार्ड में अभी 11 बेड के लिए 7 वेंटिलेटर रखे गए थे। सोमवार को इनमें 2 वेंटिलेटर काम नहीं कर रहे थे। अस्पताल प्रशासन हड़बड़ाहट में वार्ड में पहुंचा और वेंटिलेटर को चेक किया। जिसमें एक वेंटिलेटर की वायरिंग खराब निकली। हालांकि, बाद में वह चल गया जबकि दूसरा वेंटिलेटर कई दिनों से खराब बताया जाता है। वार्ड में इंफयूजन पंप, ऑक्सीजन सप्लाई और बेड आदि दुरुस्त थे। पूरे कोविड वार्ड में वॉटर प्रेशर के साथ गंदगी को साफ कराया गया। इधर, एडी हेल्थ के मॉक ड्रिल संबंधी कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़े रहे। जिसमें अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीएमएस डॉ. एचके मित्रा ने बताया कि कोविड वार्ड में वेंटिलेटर पीएम केयर फंड से लगाए गए हैं। वीडियो कांफ्रेसिंग में इस समस्या को अवगत कराया। वेंटिलेटर लगाने वाली संस्था को अनुरोध भेजा जा चुका है।