रामपुर। उतरता है जो आंखों से तुम्हारे गम का पैराहन, सहर को गुल पहनते हैं, वही शबनम का पैराहन। मंगलवार को काव्य गोष्ठी में मशहूर शायर ताहिर फराज ने ये कलाम पेश किया। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की रामपुर इकाई ने मंगलवार को होली के उपलक्ष्य में सिविल लाइंस स्थित एक होटल में काव्य गोष्ठी आयोजित की।कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की रामपुर इकाई के संरक्षक शायर ताहिर फराज ने की। मुख्य अतिथि मशहूर उस्ताद शायर नईम नजमी रहे। संचालन कवि राजवीर सिंह राज ने किया। गोष्ठी में शायर और कवियों ने गीत और गजलों से आनंदित किया। ताहिर फराज ने नए रचनाकारों को उच्चारण व काव्य में शिल्प और कलात्मकता को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की अदबी सरगर्मियां जारी रखने से नए रचनाकारों में अभ्यास करने का जज्बा बना रहता है।
शायर नईम नजमी ने कलाम पेश करते हुए कहा कि जब भी हम फिक्र के गुलजार में आ जाते हैं, लफ्ज महके हुए अशआर में आ जाते हैं। साहित्य सभा के जिला संयोजक सुरेंद्र अश्क रामपुरी ने कहा कि तुम्हारे शहर में हरसू हैं बेशक कोठियां ऊंची, महकता फूलों से आंगन हमारे गांव में है। स्थानीय इकाई के अध्यक्ष ओंकार सिंह विवेक ने कहा कि कर में पिचकारी लिए, पीकर थोड़ी भंग, देवर जी डारन चले, भौजाई पर रंग।
वरिष्ठ शायर डॉ. जावेद नसीमी ने कहा कि हाय वो लोग जो तस्कीने-दिलो-जां थे कभी, क्या बिगड़ जाता जो वो लोग भी जीते रहते। सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फैसल मुमताज ने कहा कि मस्त पवन के झोंके में जो लहरा दे वो आंचल को, पानी-पानी कर डालेगा आवारा से बादल को। इसके अलावा शायर अशफाक जैदी, सह सचिव सुमित सिंह मीत, कोषाध्यक्ष अनमोल रागिनी चुनमुन, मंत्री राजवीर सिंह राज, कवि व लेखक सुधाकर सिंह ने काव्यपाठ कर होली की बधाई दी।