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Rampur News: संतानों की मौत के सदमे ने छीन लीं दो जिंदगियां

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रामपुर। संभल के गुन्नौर में बृहस्पतिवार को हुए सड़क हादसे में घायल रायपुर गांव की प्रीति (35) की हालत में सुधार हो रहा था। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले आए थे। हालांकि, शुक्रवार को जब उन्हें अपनी दो बेटियों की मौत की खबर मिली तो उनकी हालत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में उनकी जान चली गई। हादसे में मरने वालों की संख्या पांच हो गई। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के रायपुर के किसान भगवंत सिंह अपने परिवार के साथ वृंदावन के लिए बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे कार से निकले थे। कार में कुल नौ लोग सवार थे। संभल के गुन्नौर में उनकी कार रोडवेज बस से टकरा गई थी। हादसे में भगवंत की बेटी राधिका (7), धनुषा (5) की मौत हो गई थी। इसके अलावा उनकी शहजादनगर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव निवासी भगवंत की सास मीना (55) व सास की देवरानी राजबाला (35) की भी जान चली गई थी।
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हादसे में भगवंत सिंह, उनकी पत्नी प्रीति, बेटा कृष्णा, रिश्ते का साला पुष्पेंद्र व कमल घायल हो गए थे।
भगवंत की पत्नी प्रीति की हालत में सुधार होने परिजन उन्हें रामपुर के जिला अस्पताल ले आए थे। शुक्रवार सुबह प्रीति को बेटियों की मौत की जानकारी मिली तो वे ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं। कुछ ही देर में उनकी भी जान चली गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। हादसे में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। चार लोग घायल हैं।
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रायपुर से लेकर हाजीपुर गांव तक पसरा मातम
सड़क हादसे में सिविल लाइंस क्षेत्र के रायपुर गांव की महिला व उसकी दो बेटियों व हाजीपुर में देवरानी, जेठानी की मौत की सूचना के बाद दोनों गांव में मातम छा गया। रायपुर गांव में प्रीति व उसकी दो बेटियों राधिका और धनुषा का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके अलावा हाजीपुर गांव में भी जेठानी मीना व देवरानी राजबाला के शव पहुंचे तो परिजनों के साथ गांव के लोग भी रोने लगे। नम आंखों से देवरानी-जेठानी का अंतिम संस्कार किया गया।
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बेटों के जेल से रिहा होने के बाद वृंदावन जा रही थीं मीना
शहजादनगर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव निवासी मीना के परिवार का विवाद गांव के ही कुछ लोगों से चल रहा था, जिसके चलते मीना के पति, देवर व बेटों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। परिजनों ने बताया कि मीना ने मन्नत मांगी थी उनके परिवार के सदस्य जेल से बाहर आ जाएंगे तो वह बांके बिहारी के दर्शन करने जाएंगी। उनके पति व देवर अभी जेल में हैं, लेकिन तीन बेटों की जमानत हो गई थी। इसके चलते मीना अपने बेटों, बेटी प्रीति, दामाद भगवंत, धेवती धनुषा व राधिका, धेवते कृष्णा व देवरानी राजबाला के साथ वृंदावन जा रही थीं। हादसे के बाद उनकी इच्छा अधूरी रह गई।






बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता ने भी दम तोड़ा, एक घर से उठे दो जनाजे
सड़क हादसे में हुई युवक की मौत को बर्दाश्त नहीं कर सके पिता
संवाद न्यूज एजेंसी
टांडा/सैदनगर (रामपुर)। बेटे की दुर्घटना में मौत की खबर सुनकर सदमे में पिता की भी जान चली गई। थाना टांडा क्षेत्र के खुशहालपुर गांव में शुक्रवार को एक ही घर से दो जनाजे उठे तो गांव में मातम छा गया। नम आंखों से ग्रामीणों ने पिता-पुत्र को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
खुशहालपुर निवासी बाबू अली उत्तराखंड के गदरपुर में दांतों का क्लीनिक चलाते थे। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे उत्तराखंड के गदरपुर सकेनिया मोड़ पर पिकअप की टक्कर से बाबू अली (30) की मौत हो गई। बाइक से घर वापस लौटते समय हादसा हुआ। रात में जैसे ही बेटे की मौत की खबर पिता अफसर अली को मिली तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें मुरादाबाद स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान अफसर अली (60) ने भी दम तोड़ दिया।
पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बृहस्पतिवार रात ही बाबू अली का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंच गया था। शुक्रवार को दोपहर जौहर की नमाज के बाद घर से दो जनाजे उठे तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। गांव के ही कब्रिस्तान में पिता-पुत्र को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। मृतक बाबू अली आठ बहन-भाई में तीसरे नंबर के थे। उनके दो भाई-बहन की पहले ही मौत हो चुकी थी।
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