रामपुर। जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बनने वाला मेडिकल कॉलेज अभी भी अधर में लटका हुआ है। दरअसल, यह मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर बनाया जाना है। सदर तहसील के राजस्व ग्राम अलीनगर बेनजीर और जगतपुर में 2.025 हेक्टेयर भूमि मेडिकल कॉलेज को देने पर सहमति बनी थी, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
सांसद घनश्याम सिंह लोधी ने 2022 में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मुलाकात कर मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव सौंपा था। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव दुर्गा शक्ति नागपाल ने इसे मंजूरी दे दी थी। इसके तहत रेजीडेंसी कॉलोनी और मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए सदर तहसील के राजस्व ग्राम अलीनगर बेनजीर और जगतपुर में 2.025 हेक्टेयर भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित की गई थी।
हालांकि, मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ सकी। करीब एक साल पहले शासन से एक टीम भी निरीक्षण करने आई थी, लेकिन इसके बाद मेडिकल कॉलेज का काम ठंडे बस्ते में चला गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर बनना है, लेकिन अभी तक इसके लिए कोई पार्टनर कंपनी नहीं मिल पाई है। मेडिकल कॉलेज बनने से इलाज के साथ ही मेडिकल की पढ़ाई भी होगी। युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में 500 बेड की सुविधा होगी।
मेडिकल कॉलेज पर काम चल रहा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बाद पीपीपी मॉडल पर इसको बनाने की सहमति बनी थी। आचार संहिता खत्म होने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। - डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस, रामपुर