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पुलिस को चकमा देकर लालपुर कलां हत्याकांड के आरोपी ने किया सरेंडर, डीआईजी ने बैठाई जांच

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पुलिस को चकमा देकर लालपुर कलां हत्याकांड के आरोपी ने किया सरेंडर, डीआईजी ने बैठाई जांच
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12 अप्रैल को दिनदहाड़े प्रधान के जेठ की गोली मारकर कर दी गई थी हत्या
रामपुर। ग्राम लालपुर कलां में ग्राम प्रधान की जेठ की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। चुनावी रंजीश में 12 अप्रैल को आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। ग्राम प्रधान के जेठ व उनके चचेरे ससुर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस मामले पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में डीआईजी मुरादाबाद ने पुलिस की लापरवाही मानते हुए अपर पुलिस अधीक्षक को जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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12 अप्रैल को लालपुर कलां में पूर्व प्रधान मोहम्मद हारुन अपने भतीजे और मौजूदा ग्राम प्रधान तबस्सुम के जेठ वसीम के साथ घर के बाहर बैठे थे। इस दौरान अचानक गली में दाखिल हुए आरोपियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। वसीम के मुंह पर गोली लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं गोली लगने से मोहम्मद हारुन गंभीर रूप से घायल हो थे, जिसके बाद पुलिस ने मोहम्मद अनस की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर दानिश, रियाज, नाजिम, राहत, हारुन, शौकत और जुनैद के साथ ही दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई। इस बीच पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी दानिश को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। पुलिस द्वारा उसके ऊपर 50 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार दानिश गिरफ्तारी से बचने के लिए बैंकाक भाग गया था। इसके बाद दानिश बैंकाक से कंबोडिया, कंबोडिया से वियतनाम और वियतनाम से वापस बैंकाक जाता रहा। इसके बाद दानिश ने 16 जुलाई को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिस पर डीआईजी शलभ माथुर ने मुख्य आरोपी के पुलिस को चकमा देकर पहले फरार होने और फिर कोर्ट में सरेंडर कर देने पर पुलिस की लापरवाही मानते हुए जांच बिठा दी है। डीआईजी के अनुसार भारत में लुक आउट नोटिस जारी होने और पासपोर्ट निरस्त होने के बाद आरोपी ने भारत वापस आकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया और स्थानीय पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी जो कि स्थानीय पुलिस की लापरवाही दर्शाता है। मामले में अब डीआईजी शलभ माथुर ने अपर पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।
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आरोपी के कोर्ट में सरेंडर करने पर स्थानीय पुलिस की लापरवाही परिलक्षित होती है, इसलिए अपर पुलिस अधीक्षक को जांच करने के आदेश दिए हैं।
- शलभ माथुर, डीआईजी, मुरादाबाद
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