रामपुर। मिलक क्षेत्र के सिलाई बड़ा गांव में बृहस्पतिवार को तनावपूर्ण शांति रही। पीएसी सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। अंत्येष्टि के अगले दिन गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, पीड़ित पक्ष के लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के लोगों का तांता लगा रहा। भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस सहित कई पार्टियों के नेताओं ने गांव पहुंचकर परिजनों से मामले की जानकारी ली। मंगलवार को ग्राम समाज की भूमि पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का बोर्ड लगाने को लेकर हुए विवाद में गांव निवासी 10वीं के छात्र 17 वर्षीय युवक सुमेश की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि दो युवक घायल हो गए थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की गोली से छात्र की मौत जान गई। इसके बाद गांव में जमकर हंगामा हुआ था और शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गांव में मृतक सुमेश का अंतिम संस्कार हुआ था।
घटना के 21 घंटे बाद तक गांव में अफर तफरी का माहौल रहा, जिसके चलते जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार देर रात ही कमिश्नर आंजनेय कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को शांत किया और मामले कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं डीआईजी मुनिराज जी, जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह, एसपी राजेश द्विवेदी ने गांव में अंत तक मोर्चा संभाले रखा। अंत्येष्टि के अगले दिन बृहस्पतिवार को गांव में तनावपूर्ण शांति रही। सुरक्षा को देखते हुए गांव में पीएसी सहित अन्य पुलिसबल तैनात रहा। घटना के बाद एसडीएम व तहसीलदार के दो हमराह होमगार्ड, सिलईबड़ा गांव के चौकी इंचार्ज व तीन सिपाही सहित कुल 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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नगीना सांसद ने एसडीएम व सीओ से ली घटना की जानकारी
मृतक के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे नगीना के बसपा के सांसद गिरीश चंद्र ने मृतक के आवास पर एसडीएम व सीओ को बुलाकर पूरी घटना की जानकारी ली। इस दौरान सांसद ने अधिकारियों से कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना की जांच के दौरान निर्दोष लोगों को नहीं फंसना चाहिए। कहा की यह एक अमानवीय घटना है। इस कृत्य में जो भी लोग शामिल हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कहा कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर अवगत कराएंगे और जिलाधिकारी से मृतक को न्याय दिलाने की बात करेंगे।
बाहर से आने वालों की हो रही निगरानी
बृहस्पतिवार को पूरे गांव में एसडीएम और सीओ के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा। शांति व्यवस्था कायम करने के लिए पीएसी को लगाया गया है। सरकारी भूमि यानी घटनास्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है। गांव में बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल गांव में शांति है। इस दौरान फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, सहित महिला पुलिस को भी तैनात रखा गया है।