सुरेश के पिता किशनलाल ने 12 जनवरी को अपने अधिवक्ता दलजीत सिंह राणा से माध्यम से कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें कहा कि पुलिस ने बेगुनाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अपर जिला जज (एससी-एसटी एक्ट) पीएन पांडे की कोर्ट ने 12 जनवरी को थाने से रिपोर्ट तलब की। शुक्रवार को दरोगा रामवीर सिंह राठी ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर कहा कि गलत गिरफ्तारी हो गई है, सुरेश को रिहा किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सुरेश को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए। साथ ही गिरफ्तारी करने वाली टीम का स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनके खिलाफ दांडिक प्रकीर्णवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 21जनवरी को होगी।
पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, तहरीर
सुरेश के पिता किशनलाल ने टांडा में तहरीर देकर बेगुनाह को जेल भेजने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उनके बेगुनाह बेटे को तीन दिन तक जेल में रहना पड़ा।
गिरफ्तार करने वाली टीम
दरोगा रामवीर सिंह राठी, कांस्टेबिल अनिल कुमार, दीपक कुमार, परवेंद्र कुमार, संजोग मान और नरेंद्र कुमार।
इस मामले में कोर्ट के आदेश का पालन होगा। यह लापरवाही का गंभीर मामला है। लापरवाह पुलिस कर्मिर्यों के खिलाफ जांच कराई जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। -अशोक कुमार शुक्ला, एसपी, रामपुर