रामपुर। जनपद में चौथे दिन बिजली कर्मियों की हड़ताल 65 घंटे के बाद खत्म हुई। सीएम के आश्वासन के साथ बिजली कर्मियों ने अपने-अपने बिजली घरों में जाकर कामकाज शुरू किया। इस दौरान जिन मोहल्लों में फाल्ट थे उनको दुरूस्त करने के लिए भी टीम जुट गई। जिलेभर के 70 से अधिक बिजली घरों में टीम के वापस लौटने पर काम सुचारू हो सके हैं। बिजली आने के बाद जिलेभर में लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं तीन दिन से लगातार तैनात पुलिस भी बिजली घरों से वापस लौटी।
बिजली कर्मियों ने तीन दिन पहले मशाल जुलूस के साथ ही प्रदेश आह्वान पर सांकेतिक हड़ताल शुरू की थी। इस दौरान लोगों ने प्रदर्शन किया और इसके बाद रात 10 बजे से सांकेतिक हड़ताल पर बैठने का फैसला लिया था। इसके बाद से लगातार हड़ताल चलने से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई थी। लोगों ने जेनरेटर और मोमबत्तियों के सहारे अपनी रात गुजारी। वहीं पानी के लिए तरसे लोगों ने जैसे-तैसे अपना काम चलाया। इसके बाद चौथे दिन 12 बजे के करीब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने मांगों का बिजली कर्मियों को आश्वासन दिया और हड़ताल वापस लेने के लिए कहा। जिस पर कर्मियों ने हड़ताल को खत्म करने का फैसला लिया । जिसके बाद सभी जिलों से हड़ताल को खत्म कर दिया गया है। वहीं रामपुर में पनवड़ियां में बैठे बिजली कर्मी भी 65 घंटे के बाद पंडाल से उठ गए और हड़ताल को समाप्त कर सीधे बिजली घरों की ओर रुख कर गए। यहां बिजली सुचारू कराई। खास बात यह है कि अभी कई मोहल्लों में जहां तीन दिन से फाल्ट सही नही हो सका है उसकी मॉनीटरिंग करने के साथ ही बिजली कर्मियों ने फाल्ट दूर करने के लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। इस अवसर पर संघर्ष समिति के मुख्य पदाधिकारियों में शिव अवतार सिंह, वीपी सिंह, भगवंत सिंह, महेंद्र कुमार, राजकुमार, राजेश गंगवार आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता राजीव गर्ग, एक्सईएन प्रथम भीष्म कुमार, राजेश कुमार, विनय कुमार, कमरुद्वीन, अनुराग मिश्रा समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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क्या थी बिजली कर्मियों मांगे
चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक का चयन समिति से हो।
तीन पदोन्नति के वेतनमान का आदेश
पॉवर सेक्टर इम्प्लाइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की मांग।
-विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण की आउटसोर्सिंग को बंद करने
विद्युत उत्पादन निगम को ओबरा एवं अनपरा में 800-800 मेगावाट की दो-दो इकाइयां प्रदान किए जाने की मांग। भी की।
कोट
65 घंटे बाद हड़ताल को आश्वासन के साथ खत्म कर दिया गया है। सीएम ने मांगों को पूरा करने के लिए आश्वासन दिया है। जिसके बाद रामपुर में भी हड़ताल को खत्म कर दिया गया है। सभी बिजली कर्मियों अपने बिजलीघरों में कामकाज शुरू कर दिया। -भीष्म कुमार, एक्सईएन प्रथम, बिजली विभाग